॥ श्रीहरि:॥

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गीत-गोविंद (वर्ष-४, अंक-९)

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गीत-गोविंद (वर्ष-४, अंक-७)

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गीत-गोविंद (वर्ष-४, अंक-१०)

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Geet Govind (Year-4, Issue-4)

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Geet Govind (Year-4, Issue-5)

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  • प्रथम पृष्ठ
  • संपादकीय
  • तृष्णा तू न गयी मेरे मनसे
  • परमात्मप्राप्तिका सर्वोत्तम उपाय
  • अग्निद्वारा उपदेश
  • एक महात्माका आतिथ्य
  • एक विधवाका अनुकरणीय त्याग
  • निन्यानबेका चक्‍कर
  • शेर और खरगोश
  • धन्य कौन?
  • एक बार
  • पुरुषोत्तममास
  • व्रजवासियोंके टुकड़ोंमें जो आनन्द है, वह अन्यत्र कहीं नहीं है
  • संतोष
  • प्रार्थना
  • कर्जदारसे शरम
  • एक महात्माके सदाचार–सम्बन्धी विचार तथा उनके जीवनकी कुछ घटनाएँ *
  • चिन्तनयोग्य विचार
  • जिह्वाको वशमें रखना चाहिये
  • चैतन्य-चरित्र
  • जैमिनीकृत महाभारतमें भक्तोंकी गाथा
  • अन्तिम पृष्ठ