॥ श्रीहरि:॥

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गीत-गोविंद (वर्ष-३, अंक-१०)

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गीत-गोविंद (वर्ष-३, अंक-५)

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गीत-गोविंद (वर्ष-३, अंक-७)

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Geet Govind (Year-3, Issue-4)

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Geet Govind (Year-3, Issue-8)

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  • प्रथम पृष्ठ
  • संपादकीय
  • प्रेमियोंकी चाह
  • भगवान् छप्पर फाड़कर देते हैं
  • राग-द्वेष
  • अक्रोध
  • दयालु कौन?
  • स्वभावका छुईमुईपन जीवनके लिये अत्यन्त हानिकारक है
  • मरकर आदमी कहाँ गया?
  • मनुष्य या पशु?
  • भरोसा इसपे रहने दो
  • जगन्नाथधाम
  • सिद्ध संतोंकी चमत्कारी घटनाएँ
  • प्रेरक संस्मरण
  • अपकारीके प्रति भी अनोखी दया और भलाई
  • काशीमें मृत्यु और मुक्ति
  • ‘योगक्षेमं वहाम्यहम्’ की एक झलक
  • महात्मा एकनाथजीके कुछ चरित्र
  • भक्त–गाथा
  • चैतन्य-चरित्र
  • जैमिनीकृत महाभारतमें भक्तोंकी गाथा
  • अन्तिम पृष्ठ