॥ श्रीहरि:॥

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वास्तविक सुख

श्रद्धेय स्वामी श्रीरामसुखदासजी महाराज

हिन्दी/संस्कृत

  • प्रथम पृष्ठ
  • नम्र निवेदन
  • १. वास्तविक सुख
  • २. मनुष्य-जीवनका उद्देश्य
  • ३. मनुष्य-जीवनकी सफलता
  • ४. धन-संग्रहसे हानि
  • ५. मिली हुई सामग्री अपनी नहीं
  • ६. मिला हुआ और देखा हुआ—संसार
  • ७. धनके लोभमें निंदा
  • ८. भगवान् प्रेमके भूखे हैं
  • ९. दृढ़ निश्चयकी महिमा
  • १०. तत्त्वका अनुभव कैसे हो?
  • ११. कारागार—एक शिक्षालय
  • १२. गोहत्या—एक अभिशाप
  • १३. सत्संगका मूल्य समझें
  • १४. पारमार्थिक उन्नति धनके आश्रित नहीं
  • अन्तिम पृष्ठ

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