॥ श्रीहरि:॥

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वैशाख कार्तिक माघ मास माहात्म्य

हिन्दी/संस्कृत

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  • निवेदन
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    वैशाख-माहात्म्य (पद्मपुराणके अनुसार)
    • भगवद्भक्तिके लक्षण तथा वैशाख-स्नानकी महिमा
    • वैशाख-माहात्म्य
    • वैशाख-स्नानसे पाँच प्रेतोंका उद्धार तथा ‘पाप-प्रशमन’ नामक स्तोत्रका वर्णन
    • वैशाखमासमें स्नान, तर्पण और श्रीमाधव-पूजनकी विधि एवं महिमा
    • यम-ब्राह्मण-संवाद—नरक तथा स्वर्गमें ले जानेवाले कर्मोंका वर्णन
    • तुलसीदल और अश्वत्थकी महिमा तथा वैशाख-माहात्म्यके सम्बन्धमें तीन प्रेतोंके उद्धारकी कथा
    • वैशाख-माहात्म्यके प्रसंगमें राजा महीरथकी कथा और यम-ब्राह्मण-संवादका उपसंहार
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    वैशाख-माहात्म्य (स्कन्दपुराणके अनुसार)
    • वैशाखमासकी श्रेष्ठता; उसमें जल, व्यजन, छत्र, पादुका और अन्न आदि दानोंकी महिमा
    • वैशाखमासमें विविध वस्तुओंके दानका महत्त्व तथा वैशाखस्नानके नियम
    • वैशाखमासमें छत्रदानसे हेमकान्तका उद्धार
    • महर्षि वसिष्ठके उपदेशसे राजा कीर्तिमान‍्का अपने राज्यमें वैशाखमासके धर्मका पालन कराना और यमराजका ब्रह्माजीसे राजाके लिये शिकायत करना
    • ब्रह्माजीका यमराजको समझाना और भगवान् विष्णुका उन्हें वैशाखमासमें भाग दिलाना
    • भगवत्कथाके श्रवण और कीर्तनका महत्त्व तथा वैशाखमासके धर्मोंके अनुष्ठानसे राजा पुरुयशाका संकटसे उद्धार
    • राजा पुरुयशाको भगवान‍्का दर्शन, उनके द्वारा भगवत्स्तुति और भगवान‍्के वरदानसे राजाकी सायुज्य मुक्ति
    • शंख-व्याध-संवाद, व्याधके पूर्वजन्मका वृत्तान्त
    • भगवान् विष्णुके स्वरूपका विवेचन, प्राणकी श्रेष्ठता, जीवोंके विभिन्न स्वभावों और कर्मोंका कारण तथा भागवतधर्म
    • वैशाखमासके माहात्म्य-श्रवणसे एक सर्पका उद्धार और वैशाख-धर्मके पालन तथा रामनाम-जपसे व्याधका वाल्मीकि होना
    • धर्मवर्णकी कथा, कलिकी अवस्थाका वर्णन, धर्मवर्ण और पितरोंका संवाद एवं वैशाखकी अमावास्याकी श्रेष्ठता
    • वैशाखकी अक्षय तृतीया और द्वादशीकी महत्ता, द्वादशीके पुण्यदानसे एक कुतियाका उद्धार
    • वैशाखमासकी अन्तिम तीन तिथियोंकी महत्ता तथा ग्रन्थका उपसंहार
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    कार्तिक-माहात्म्य (स्कन्दपुराणके अनुसार)
    • कार्तिकमासकी श्रेष्ठता तथा उसमें करनेयोग्य स्नान, दान, भगवत्पूजन आदि धर्मोंका महत्त्व
    • विभिन्न देवताओंके संतोषके लिये कार्तिकस्नानकी विधि तथा स्नानके लिये श्रेष्ठ तीर्थोंका वर्णन
    • कार्तिकव्रत करनेवाले मनुष्यके लिये पालनीय नियम
    • कार्तिकव्रतसे एक पतित ब्राह्मणीका उद्धार तथा दीपदान एवं आकाशदीपकी महिमा
    • कार्तिकमें तुलसी-वृक्षके आरोपण और पूजन आदिकी महिमा
    • त्रयोदशीसे लेकर दीपावलीतकके उत्सवकृत्यका वर्णन
    • कार्तिक शुक्ला प्रतिपदा और यमद्वितीयाके कृत्य तथा बहिनके घरमें भोजनका महत्त्व
    • आँवलेके वृक्षकी उत्पत्ति और उसका माहात्म्य
    • गुणवतीका कार्तिकव्रतके पुण्यसे सत्यभामाके रूपमें अवतार तथा भगवान‍्के द्वारा शंखासुरका वध और वेदोंका उद्धार
    • कार्तिकव्रतके पुण्यदानसे एक राक्षसीका उद्धार
    • भक्तिके प्रभावसे विष्णुदास और राजा चोलका भगवान‍्के पार्षद होना
    • जय-विजयका चरित्र
    • सांसर्गिक पुण्यसे धनेश्वरका उद्धार, दूसरोंके पुण्य और पापकी आंशिक प्राप्तिके कारण तथा मासोपवास-व्रतकी संक्षिप्त विधि
    • तुलसीविवाह और भीष्मपंचक-व्रतकी विधि एवं महिमा
    • एकादशीको भगवान‍्के जगानेकी विधि, कार्तिकव्रतका उद्यापन और अन्तिम तीन तिथियोंकी महिमाके साथ ग्रन्थका उपसंहार
  • +
    कार्तिक-माहात्म्य (पद्मपुराणके अनुसार)
    • कार्तिक-व्रतका माहात्म्य—गुणवतीको कार्तिक-व्रतके पुण्यसे भगवान‍्की प्राप्ति
    • कार्तिककी श्रेष्ठताके प्रसंगमें शंखासुरके वध, वेदोंके उद्धार तथा ‘तीर्थराज’ के उत्कर्षकी कथा
    • कार्तिकमासमें स्नान और पूजनकी विधि
    • कार्तिक-व्रतके नियम और उद्यापनकी विधि
    • कार्तिक-व्रतके पुण्य-दानसे एक राक्षसीका उद्धार
    • कार्तिक-माहात्म्यके प्रसंगमें राजा चोल और विष्णुदासकी कथा
    • पुण्यात्माओंके संसर्गसे पुण्यकी प्राप्तिके प्रसंगमें धनेश्वर ब्राह्मणकी कथा
    • अशक्तावस्थामें कार्तिक-व्रतके निर्वाहका उपाय
    • कार्तिकमासका माहात्म्य और उसमें पालन करनेयोग्य नियम
    • शूकरक्षेत्रका माहात्म्य तथा मासोपवास-व्रतकी विधिका वर्णन
    • शालग्रामशिलाके पूजनका माहात्म्य
    • भगवत्पूजन, दीपदान, यमतर्पण, दीपावली-कृत्य, गोवर्धनपूजा और यमद्वितीयाके दिन करनेयोग्य कृत्योंका वर्णन
    • प्रबोधिनी एकादशी और उसके जागरणका महत्त्व तथा भीष्मपंचक-व्रतकी विधि एवं महिमा
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    माघ-माहात्म्य (पद्मपुराणके अनुसार)
    • वसिष्ठजीका दिलीपसे तथा भृगुजीका विद्याधरसे माघस्नानकी महिमा बताना तथा माघस्नानसे विद्याधरकी कुरूपताका दूर होना
    • मृगशृंग मुनिका भगवान‍्से वरदान प्राप्त करके अपने घर लौटना
    • मृगशृंग मुनिके द्वारा माघके पुण्यसे एक हाथीका उद्धार तथा मरी हुई कन्याओंका जीवित होना
    • यमलोकसे लौटी हुई कन्याओंके द्वारा वहाँकी अनुभूत बातोंका वर्णन
    • महात्मा पुष्करके द्वारा नरकमें पड़े हुए जीवोंका उद्धार
    • माघस्नानके लिये मुख्य-मुख्य तीर्थ और नियम
    • माघमासके स्नानसे सुव्रतको दिव्यलोककी प्राप्ति
  • अन्तिम पृष्ठ

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