शास्त्रोंके अवलोकन तथा सत्पुरुषों संग करनेसे आत्मकल्याणकी जो बातें मेरी समझमें आयी हैं, वही सब बातें इन लेखोंमें बतायी गयी हैं। मेरा विश्वास है, जो कोई भी मनुष्य इन बातोंको काममें लायेंगे, उन्हें अवश्य लाभ हो सकता है; क्योंकि ये सब बातें अधिकांशमें साक्षात् भगवान् कृष्णके मुखसे कथित गीता तथा ऋषि-मुनि-प्रणीत सत्-शास्त्रोंके आधारपर ही लिखी गयी हैं अतएव इन लेखोंसे सभी मनुष्य लाभ उठा सकते हैं। इनमेंसे बहुत-सी बातें ऐसी सुगम हैं कि जिन्हें बिना पढ़े-लिखे साधारण स्त्री-पुरुष और बालक-वृद्ध भी काममें लाकर लाभ उठा सकते हैं; क्योंकि मनुष्यको अपना जीवन किस प्रकार बिताना एवं किसके साथ कैसा व्यवहार करना चाहिये, यह सब बातें भी उनमें बतायी गयी हैं।
- श्रद्धेय श्रीजयदयालजी गोयन्दका