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॥ श्रीहरि:॥
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ई – पुस्तकें
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/ ई – पुस्तकें
/ सुख-शान्ति का मार्ग
सुख-शान्ति का मार्ग
लेखक
श्रद्धेय श्रीहनुमानप्रसादजी पोद्दार
भाषा
हिन्दी/संस्कृत
पुस्तक पढ़ें
विषय-सूची
•
प्रथम पृष्ठ
•
नम्र निवेदन
•
तीन प्रकारके प्रारब्ध
•
शीघ्र भगवद्दर्शनका उपाय
•
श्रीराम तथा श्रीकृष्ण भगवान् हैं
•
भगवान्का विधान
•
झूठा कलङ्क लगाना बड़ा पाप है
•
प्राणिहत्या पाप है
•
पतित पुरुष
•
मैत्रीभावना कीजिये
•
आर्तभावसे विश्वासपूर्वक प्रार्थना कीजिये
•
सेवा, प्रेम आदिसे दूसरेका मन बदलिये
•
कृपा-ही-कृपा
•
अवतार-रहस्य
•
गुरु किसको करें?
•
माता-पिताका अपमान पाप है
•
भगवान्में सब कुछ है
•
कुछ महत्त्वके प्रश्नोंका उत्तर
•
कुछ महत्त्वपूर्ण जिज्ञासाओंका समाधान
•
कर्मफलका नियामक ईश्वर
•
जन्म और कर्म दोनोंसे जाति
•
संत-महापुरुषकी महिमा
•
इस युगमें नाम-जप ही प्रधान साधन है
•
पाप छोड़कर पश्चात्ताप कीजिये
•
अजेय और अमोघ शस्त्र
•
राम-नामके बहाने तमोगुणका आश्रय मत लीजिये
•
साधकका कर्तव्य
•
मृत्युके बाद
•
साधकका सिद्धदेह
•
दूसरेसे सुखकी आशा करनेसे दु:ख ही मिलता है
•
मानव-जीवनकी सफलताका साधन
•
विश्व-कल्याण
•
विवाहमें क्या करना और क्या नहीं करना चाहिये
•
सौन्दर्य-प्रसाधनोंसे हानि
•
पञ्चमुख शिवजी
•
झूठी निन्दा करनेसे बड़ी हानि
•
पुत्रशोकमें धैर्य
•
बंदरोंपर क्रूरता और गांधीजी
•
गोपीहृदयमें प्रेम-समुद्र
•
भगवान्की नासमझी नहीं, उनकी उदारता और करुणा
•
सद्गुरुका महत्त्व
•
श्रीराम और श्रीकृष्ण साक्षात् भगवान् हैं
•
चमत्कारसे सावधान रहिये
•
सबका स्वभाव एक-सा नहीं होता
•
संसारकी सुखमयता
•
सबमें भगवान् हैं
•
मानवताकी रक्षा
•
हृदय-परिवर्तन तथा प्रेमप्राप्तिका साधन
•
श्रीराधा-कृष्ण—युगलस्वरूपकी उपासना
•
श्रीभगवन्नाम और भगवत्कथाका माहात्म्य
•
दस पवित्र साधन
•
बुराई न देखकर प्रेम करना चाहिये
•
भगवान्की शरणमें ही जीवनकी सफलता
•
दिव्य सुख
•
किसका जीवन सफल है?
•
किसी लाभकी आशासे प्रेम न करें
•
नाम-महिमा और नाम-महिमाष्टक
•
श्रीराधाप्रेमका स्वरूप
•
भगवान्की सहज कृपामें विश्वास करो
•
प्रार्थनासे रोगमुक्ति
•
सिनेमा और फैशनका दुष्परिणाम
•
दैन्यका सच्चा अर्थ
•
वाणीके दोष
•
कर्मफलका भोग
•
प्रेमके साधन
•
भगवान्का स्मरण आवश्यक
•
महँगी एवं पाकिस्तान*
•
दोषोंको जरा भी आश्रय न दें
•
साधनकी महत्ता और आवश्यकता
•
जीवनमें भगवद्भाव लानेकी चेष्टा कीजिये
•
एक साधुके प्रति सम्मति
•
भोगोंकी दु:खमयता और अनित्यता
•
एकान्तस्थित महात्मासे विश्वकल्याण
•
साधन ही साध्य बनता है
•
घोर पतन और दु:खकी सम्भावना
•
अपने विषयमें स्वीकारोक्ति*
•
भगवत्कृपा—अनिर्वचनीय
•
तेरह मुख्य साधन
•
शान्तिलाभका उपाय
•
भगवान्का प्रत्येक विधान मङ्गलमय
•
अपने विचार शुद्ध रखिये
•
जातिमें जन्मकी प्रधानता है
•
कुछ प्रश्नोंके उत्तर
•
भगवान् और भगवती एक ही तत्त्व हैं
•
श्रीहनुमान्जीकी योगशक्ति
•
‘नारायण’-नामकी महिमा
•
वाल्मीकीय रामायणकी रचना
•
एकादशी-व्रतकी साधारण विधि
•
प्रेममें आत्मसुख-कामनाको स्थान नहीं
•
जिसका अन्त सुधरा, वही सफल-जीवन है
•
हम जो चाहते हैं, पहले हमें वही देना चाहिये
•
जगत्को भगवत्-रूप देखनेका प्रयत्न कीजिये
•
शान्ति-सुख कहाँ है?
•
बुरा करनेवालोंका भी भला करो
•
मानसिक दासता
•
मङ्गल सोचो, मङ्गल करो!
•
भगवान् और भगवान्की स्वरूपलीला
•
बंदी-जीवनके पौने दो वर्ष
•
आत्मा नहीं मरता, जीव ही जन्मता-मरता दीखता है
•
उच्च गति प्राप्त करनेके साधन
•
असुरतन्त्रको दूर करनेका उपाय
•
भगवत्कृपाकी वर्षा
•
भगवान्की वस्तु सदा भगवान्की सेवामें लगाते रहिये*
•
प्रात:स्मरणीय महात्माओंकी जूठन
•
सभी क्षेत्रोंमें आदर्श पुरुष हैं
•
भोग प्रारब्धानुसार ही प्राप्त होते हैं
•
संन्यासी त्यागमूर्ति होता है
•
गर्भपातको वैध बनाना भयानक पाप है
•
वैरभावका सर्वथा त्याग कीजिये
•
जो प्राप्त करना चाहते हो, पहले उसे देना आरम्भ करो
•
भगवान्की अखण्ड स्मृति क्यों नहीं होती?
•
देवको जगाओ, असुरको नहीं
•
भारतका राष्ट्रिय गान
•
परदोष-दर्शन तथा परनिन्दा न करें
•
भगवन्नाम ही सरल साधन है
•
वर्तमान दुर्दशाका कारण
•
कन्याके शीघ्र विवाहका मन्त्र
•
मेरा अनुभव
•
अंतिम पृष्ठ
सम्बंधित ई-पुस्तकें
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परमार्थ की मन्दाकिनी
दिव्य सुख की सरिता
समाज सुधार
दीन-दु:खियों के प्रति कर्तव्य
श्रीरामचरितमानस (सटीक)
सुन्दरकाण्ड (सटीक)
गीता चिन्तन
सुखी बननेके उपाय
पद रत्नाकर
प्रार्थना
श्रीराधा माधव चिन्तन
साधन पथ
अमृत कण
श्री भगवन्नाम-चिन्तन
दाम्पत्य जीवन का आदर्श
ब्रह्मचर्य
श्रीराधा माधव रस सुधा (षोडश गीत)
सत्संग के बिखरे मोती
मानव जीवन का लक्ष्य
महत्त्वपूर्ण प्रश्नोत्तर
तुलसी दल
संत वाणी
मन को वश करने के कुछ उपाय
श्रीभगवन्नाम
श्री राम चिन्तन
दैनिक कल्याण सूत्र
गोपी प्रेम
भगवच्चर्चा (सभी छहों भाग एक साथ)
गो सेवा के चमत्कार
नैवेद्य
उपनिषदों के चौदह रत्न
प्रेम दर्शन (नारद भक्ति सूत्र की व्...
ईश्वर की सत्ता और महत्ता
स्त्री धर्म प्रश्नोत्तरी
सत्संग सुधा
पूर्ण समर्पण
नारी शिक्षा
साधकों का सहारा
भवरोग की रामबाण दवा
दु:ख क्यों होते हैं?
भगवान् सदा तुम्हारे साथ हैं
दु:ख में भगवत्कृपा
भगवच्चर्चा
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भगवत्प्राप्ति एवं हिंदू संस्कृति
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