॥ श्रीहरि:॥

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स्तोत्ररत्नावली

हिन्दी/संस्कृत

महाकवि कालिदासके ‘स्तोत्रं कस्य न तुष्टये’ इस वचनके अनुसार विश्वमें ऐसा कोई भी प्राणी नहीं है, जो स्तुतिसे प्रसन्न न हो जाता हो। राजनीतिके ग्रन्थोंमें कहा गया है कि ‘साम’ या स्तुतिके द्वारा राक्षस आदि भयंकर सत्त्व भी वशीभूत हो जाते हैं। इसीलिये दण्ड, भेद, दान आदि नीतियोंमें ‘साम’ या स्तुति-प्रशंसाको ही सर्वश्रेष्ठ माना गया है। अतएव वेदोंसे लेकर इतिहास, पुराण एवं काव्योंतकमें सर्वत्र सूक्त एवं स्तोत्र भरे पड़े हैं, जिनका संग्रह एक महासमुद्रके समान होगा। प्रस्तुत ग्रन्थमें केवल गणेश, शिव, शक्ति, विष्णु, राम, कृष्ण एवं सूर्य आदि प्रमुख देवताओंके प्रसिद्ध स्तोत्रोंका संग्रह किया गया है। अन्तमें प्रकीर्णस्तोत्रोंमें देवताओंके प्रात:स्मरण तथा कुछ ज्ञानप्रद आध्यात्मिक स्तोत्र भी दिये गये हैं तथा अकालमृत्यु-रोगादिसे रक्षा करनेवाला परम उपयोगी एवं अनुभूत मृत्युंजयस्तोत्र भी संलग्न कर दिया गया है। इन स्तोत्रोंके द्वारा आराधना किये जानेपर सभी देवता प्रसन्न होकर उपासकका परम कल्याण करते हैं। आशा है, पाठक-पाठिकाएँ इससे लाभ उठानेका प्रयास करेंगे।
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  • निवेदन
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    विनयस्तोत्राणि
    • १—मङ्गलम्
    • २—श्रीविष्णोरष्टाविंशतिनामस्तोत्रम्
    • ३—षट्पदी
    • ४—श्रीहरिशरणाष्टकम्
    • ५—न्यासदशकम्
    • ६—परमेश्वरस्तोत्रम्
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    शिवस्तोत्राणि
    • ७—शिवमानसपूजा
    • ८—श्रीशिवापराधक्षमापनस्तोत्रम्
    • ९—वेदसारशिवस्तव:
    • १०—शिवाष्टकम्
    • ११—श्रीशिवपञ्चाक्षरस्तोत्रम्
    • १२—द्वादशज्योतिर्लिङ्गानि
    • १३—द्वादशज्योतिर्लिङ्गस्तोत्रम्
    • १४—शिवताण्डवस्तोत्रम्
    • १५—श्रीरुद्राष्टकम्
    • १६—श्रीपशुपत्यष्टकम्
    • १७—श्रीविश्वनाथाष्टकम्
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    शक्तिस्तोत्राणि
    • १८—ललितापञ्चकम्
    • १९—मीनाक्षीपञ्चरत्नम्
    • २०—देव्यपराधक्षमापनस्तोत्रम्
    • २१—भवान्यष्टकम्
    • २२—आनन्दलहरी
    • २३—श्रीभगवतीस्तोत्रम्
    • २४—महालक्ष्म्यष्टकम्
    • २५—श्रीसरस्वतीस्तोत्रम्
    • २६—देव्या आरात्रिकम्
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    विष्णुस्तोत्राणि
    • २७—श्रीनारायणाष्टकम्
    • २८—श्रीकमलापत्यष्टकम्
    • २९—श्रीदीनबन्ध्वष्टकम्
    • ३०—परमेश्वरस्तुतिसारस्तोत्रम्
    • ३१—श्रीभगवच्छरणस्तोत्रम्
    • ३२—मङ्गलगीतम्
    • ३३—श्रीदशावतारस्तोत्रम्
    • ३४—ध्रुवकृतभगवत्स्तुति:
    • ३५—श्रीलक्ष्मीनृसिंहस्तोत्रम्
    • ३६—प्रह्रादकृतनृसिंहस्तोत्रम्
  • +
    रामस्तोत्राणि
    • ३७—श्रीरामरक्षास्तोत्रम्
    • ३८—श्रीब्रह्मदेवकृता श्रीरामस्तुति:
    • ३९—जटायुकृतश्रीरामस्तोत्रम्
    • ४०—इन्द्रकृतश्रीरामस्तोत्रम्
    • ४१—श्रीरामाष्टकम्
    • ४२—श्रीसीतारामाष्टकम्
    • ४३—श्रीरामचन्द्रस्तुति:
    • ४४—श्रीराममङ्गलाशासनम्
    • ४५—श्रीरामप्रेमाष्टकम्
    • ४६—श्रीरामचन्द्राष्टकम्
  • +
    श्रीकृष्णस्तोत्राणि
    • ४७—गोविन्दाष्टकम्
    • ४८—श्रीगोविन्दाष्टकम्
    • ४९—अच्युताष्टकम्
    • ५०—कृष्णाष्टकम्
    • ५१—श्रीकृष्णाष्टकम्
    • ५२—भगवत्स्तुति:
    • ५३—गोविन्ददामोदरस्तोत्रम्
    • ५४—श्रीप्रपन्नगीतम्
    • ५५—श्रीकृष्ण: शरणं मम
    • ५६—गोपिकाविरहगीतम्
    • ५७—मधुराष्टकम्
    • ५८—श्रीनन्दकुमाराष्टकम्
    • ५९—चतु:श्लोकी
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    विविधदेवस्तोत्राणि
    • ६०—श्रीगणपतिस्तोत्रम्
    • ६१—सङ्कटनाशनगणेशस्तोत्रम्
    • ६२—सूर्याष्टकम्
    • ६३—श्रीसूर्यमण्डलाष्टकम्
    • ६४—वीरविंशतिकाख्यं श्रीहनुमत्स्तोत्रम्
    • ६५—गङ्गाष्टकम्
    • ६६—श्रीगङ्गाष्टकम्
    • ६७—श्रीगङ्गास्तोत्रम्
    • ६८—श्रीयमुनाष्टकम्
    • ६९—यमुनाष्टकम्
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    प्रकीर्णस्तोत्राणि
    • ७०—प्रात:स्मरणम्
    • ७१—श्रीशिवरामाष्टकस्तोत्रम्
    • ७२—कैवल्याष्टकम्
    • ७३—साधनपञ्चकम्
    • ७४—धन्याष्टकम्
    • ७५—कौपीनपञ्चकं स्तोत्रम्
    • ७६—परापूजा
    • ७७—चर्पटपञ्जरिकास्तोत्रम्
    • ७८—द्वादशपञ्जरिकास्तोत्रम्
    • ७९—गौरीशाष्टकम्
    • ८०—सप्तश्लोकी गीता
    • ८१—चतु:श्लोकी भागवतम्
    • ८२—श्रीमृत्युञ्जयस्तोत्रम्
  • अन्तिम पृष्ठ

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