॥ श्रीहरि:॥

gstlogo
हिन्दीarrowdown
श्रीराधा माधव चिन्तन

श्रद्धेय श्रीहनुमानप्रसादजी पोद्दार

हिन्दी/संस्कृत

  • प्रथम पृष्ठ
  • नम्र निवेदन
  • +
    श्रीराधा
    • प्रार्थना
    • नारदकृत राधा-स्तवन
    • श्रीवृषभानुनन्दिनीसे प्रार्थना
    • श्रीराधाजी कौन थीं?
    • श्रीराधा-महिमा
    • श्रीराधा-प्रेमका स्वरूप
    • श्रीराधाका त्यागमय एकांगी निर्मल भाव
    • श्रीराधाभावकी एक झाँकी
    • श्रीराधाका स्वरूप
    • राधा-कृष्णकी अभिन्नता तथा
    • राधा-प्रेमकी विशुद्धता
    • श्रीराधाकी प्रेम-साधना और उनका
    • अनिर्वचनीय स्वरूप
    • श्रीराधा-माधवका महत्त्व, स्वरूप, तत्त्व और सम्बन्ध
    • श्रीश्रीराधाके परम भाव-राज्यकी एक झाँकी
    • श्रीराधा-तत्त्व एवं राधास्वरूपकी नितान्त दुर्गमता
    • श्रीराधा-स्वरूप-गुण-महिमा
    • श्रीराधा-नाम-रूप-महिमा और राधा-प्रेमका स्वरूप
    • श्रीश्रीराधा-स्वरूप-गुण-महिमा
    • श्रीराधाके तत्त्व-स्वरूप-लीलाका पुण्यस्मरण
    • श्रीराधाका स्वरूप और महत्त्व
    • रसस्वरूप श्रीकृष्ण और भावस्वरूपा गोपांगनासमन्वित श्रीराधाजीका तत्त्व-महत्त्व
    • श्रीराधाके दिव्य रूप और उनके आराधनका महत्त्व
    • श्रीराधा-माधवका दिव्य स्वरूप
    • श्रीराधा-माधवका मधुर रूप-गुण-तत्त्व
  • +
    श्रीकृष्ण
    • प्रार्थना
    • श्रीकृष्ण पूर्णब्रह्म भगवान् हैं
    • श्रीराधाके प्रति भगवान् श्रीकृष्णका तत्त्वोपदेश
    • श्रीकृष्णका स्वरूप-तत्त्व
    • गीता और भागवतके श्रीकृष्ण
    • भगवान् श्रीकृष्णके प्राकटॺपर स्वागतोत्सव
    • श्रीकृष्णका प्राकटॺ
    • श्रीकृष्णजन्म-महोत्सव
    • स्वयं भगवान‍्का दिव्य जन्म
    • श्रीकृष्णका भूलोकमें प्राकटॺ
    • ‘स्वयं भगवान्’ श्रीकृष्णका प्राकटॺ
    • श्रीकृष्णका परम स्वरूप और उनका प्रेम
    • चोर-जार-शिखामणि
    • श्रीकृष्णचरित्रकी उज्ज्वलता
    • व्रजसुन्दरियोंके भगवान्
    • श्रीकृष्णदर्शनकी साधना
    • सौन्दर्य-लालसा
    • बिखरे सुमन
    • भगवान् श्रीकृष्णका स्वरूप और अवतारके हेतु
    • भगवान् श्रीकृष्णका प्राकटॺ और उनके आदर्श मधुर चरित्रका स्मरण
    • अखिलरसामृतमूर्ति भगवान् श्रीकृष्णका आविर्भाव
    • पूर्ण परात्पर भगवान् श्रीकृष्णका आविर्भाव
    • लीला-पुरुषोत्तमका प्राकटॺ
    • स्वयं भगवान् कब और क्यों आते हैं?
    • श्रीकृष्णजन्माष्टमी-महोत्सव
  • +
    श्रीराधा-माधव
    • प्रार्थना
    • श्रीराधा-माधवकी एकरूपता
    • श्रीराधा-कृष्ण एक ही तत्त्व हैं
    • दिव्य युगल (पद्य)
    • श्रीयुगल-तत्त्व और उनसे प्रार्थना
    • युगलतत्त्वकी एकता
    • उपनिषद्‍में युगल-स्वरूप
    • श्रीयुगल-स्वरूपकी उपासना
    • श्रीराधा-कृष्णकी उपासना
    • श्रीराधा-कृष्णकी अष्टकालीनस्मरणीय सेवा
    • विनय
    • राधा-माधवसे प्रार्थना
  • +
    भावराज्य तथा लीला-रहस्य
    • भावराज्यकी विलक्षणता
    • भाव-राज्य
    • भाव-राज्यकी महिमा
    • भगवान‍्की नित्यलीला
    • नित्य लीलाके समझनेका अधिकार
    • भगवदवतारका रहस्य
    • माखनचोरीका रहस्य
    • चीरहरण-रहस्य
    • दिव्य रासक्रीडाका स्वरूप तथा महत्त्व
    • रासलीला-रहस्य
    • श्रीकृष्ण-लीलाके अन्ध-अनुकरणसे हानि
    • श्रीकृष्ण-लीलानुकरण हानिकारक
    • भगवान‍्की सब लीलाओंका अनुकरण नहीं हो सकता
    • बिखरे सुमन
    • निकुंजलीलाके दर्शनाधिकारी
  • +
    प्रेम-तत्त्व
    • प्रेमाधीन भगवान्
    • भक्तिके विभिन्न स्वरूपोंमें प्रेम-भक्तिका स्थान
    • भावके विभिन्न स्तर
    • रति, प्रेम और रागके तीन-तीन प्रकार
    • प्रेम और ब्राह्मी स्थिति
    • प्रेम-भक्तिमें भगवान् और भक्तका सम्बन्ध
    • दिव्य प्रेम
    • प्रेमका स्वरूप
    • भगवत्प्रेमसम्बन्धी कुछ बातें
    • प्रेम मुँहकी बात नहीं है
    • प्रियतम प्रभुका प्रेम
    • श्रेय-प्रेयस्वरूप श्रीकृष्ण
    • प्रेमीका स्वरूप
    • प्रेमीके काम-क्रोधादिके पात्र—प्रियतम भगवान्
    • भगवत्प्रेमकी प्राप्तिके साधन
    • भगवत्प्रेमकी अभिलाषा
    • भगवत्प्रेमकी प्राप्तिका साधन—उत्कट चाह
    • भगवद्विरहकी दुर्लभ स्थिति
    • प्रेमीकी तल्लीनता
    • प्रियतमका नित्य-स्मरण
    • भगवत्कृपासे ही भगवत्प्रेमकी प्राप्ति
    • प्रेममें विषय-वैराग्यकी अनिवार्यता
    • प्रियतमकी प्राप्ति कण्टकाकीर्ण मार्गसे ही होती है
    • प्रेम और विधि-निषेध
    • बिखरे सुमन
    • प्रेम-एकादशी
    • प्रेमका नेम
  • +
    श्रीगोपांगना
    • वन्दना
    • मोक्ष-संन्यासिनी गोपियाँ
    • गोपी-प्रेम
    • गोपीहृदयमें प्रेम-समुद्र
    • गोपी-प्रेमकी महिमा
    • गोपियोंके श्रीकृष्ण
    • श्रीगोपांगनाओंकी महत्ता
    • गोपीभावकी साधना
    • गोपीभावकी प्राप्ति
    • साधकका सिद्धदेह
    • सिद्ध सखीदेह
    • गोपी-प्रेमकी साधना और सिद्धि
    • गोपियोंकी महिमा
  • +
    प्रकीर्ण
    • प्रार्थना
    • एक कृष्णप्रेमीके पत्रका उत्तर
    • स्वागतकी तैयारी करो
    • ‘लँगर मोरि गागर फोरि गयौ’
    • तीन मधुर प्रसंग
    • नादब्रह्म—मोहनकी मुरली
    • मधुर स्वर सुना दो!
    • वह दिन कब आयेगा?
    • एक लालसा
    • प्रियतमसे प्रार्थना!
    • प्यारे कन्हैया
  • +
    परिशिष्ट
    • श्रीराधा, श्रीराधा-नाम और राधा-उपासना सनातन है
    • वृन्दावनवासके लिये स्थिर मनकी आवश्यकता
    • श्रीराधा-श्रीकृष्णका नित्यरूप
    • प्रार्थना
  • अंतिम पृष्ठ

सम्बंधित ई-पुस्तकें

पद रत्नाकर

पद रत्नाकर

प्रार्थना

प्रार्थना

साधन पथ

साधन पथ

अमृत कण

अमृत कण

श्री भगवन्नाम-चिन्तन

श्री भगवन्नाम-चिन्तन