श्रीकृष्णबाल-माधुरी में सूरसागरके ३३५ पदोंका संग्रह है। इसमें श्रीकृष्णचन्द्रकी शिशु-लीलाके मधुर मंजुल पद ही लिये गये हैं। पदोंका सरल भावार्थ दिया गया है तथा अन्तमें पदोंमें आये मुख्य कथाप्रसंग दे दिये गये हैं। प्रारम्भमें पदोंकी अकारादि क्रमसे सूची भी दे दी गयी है।
आशा है यह सानुवाद-संग्रह सभी साहित्य-प्रेमियों, सूर-साहित्यके अध्ययन करनेवालोंको प्रिय होगा। भगवान् श्रीश्यामसुन्दरके प्रियजनोंको तो प्रिय होगा ही और वे इसे पाकर प्रसन्न होंगे।