॥ श्रीहरि:॥

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शिखा (चोटी) धारणकी आवश्यकता

श्रद्धेय स्वामी श्रीरामसुखदासजी महाराज

हिन्दी/संस्कृत

हिन्दू-संस्कृति बहुत विलक्षण है। इसमें छोटी-से-छोटी अथवा बड़ी-से-बड़ी प्रत्येक बातका धर्मके साथ सम्बन्ध है और धर्मका सम्बन्ध कल्याणके साथ है। हिन्दूधर्ममें जो-जो नियम बताये गये हैं, वे सब-के-सब नियम मनुष्यके कल्याणके साथ सम्बन्ध रखते हैं। शिखा अर्थात् चोटी हिन्दुओंका प्रधान चिह्न है। हिन्दुओंमें चोटी रखनेकी परम्परा प्राचीनकालसे चली आ रही है। चोटी रखना शास्त्रका विधान है। शिखा हिन्दुत्वकी पहचान है। प्रस्तुत पुस्तक में शिखा धारणकी आवश्यकता को समझाया गया है।
  • प्रथम पृष्ठ
  • शिखा रखनेके लाभ
  • हिन्दूधर्मकी रक्षाके लिये शिखा (चोटी) धारणकी आवश्यकता
  • युवकोंके प्रति
  • मातृशक्तिके प्रति
  • बुद्धिजीवियोंके प्रति
  • इस लेखकी सार बात
  • सन्तोंके प्रति
  • अन्तिम पृष्ठ

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