॥ श्रीहरि:॥

gstlogo
हिन्दीarrowdown
सत्य एवं प्रेरक घटनाएँ

भक्त रामशरणदास पिलखुआ

हिन्दी/संस्कृत

  • प्रथम पृष्ठ
  • निवेदन
  • ब्राह्मण युवक अपनी हरिजन बुआके यहाँ आशीर्वाद लेने गया
  • अशुद्ध आहारका प्रभाव
  • दो विचित्र स्वप्न
  • गाँवकी बेटी अपनी बेटी
  • हरिजनकी बेटी भी अपनी ही बेटी
  • कैलास-मानसरोवरमें सिद्ध योगी महात्माओंके दर्शन
  • हिमालयके अद्‍भुत सिद्ध महात्माओंसे भेंट
  • तेलीका बैल बनकर ऋण चुकाया
  • पार्वणश्राद्धसे प्रेतात्माका उद्धार
  • मुसलिम प्रेतात्मा देखते-ही-देखते एक सेर हलुवा खा गयी
  • पूर्वजन्मका योगी अनूठा संतसेवी बालक
  • मरणासन्न मछलियोंको जीवनदान देते ही वर्षा होने लगी
  • गोमाताका अपमान करना मानवता नहीं, दानवता है
  • गोमाताने बुढ़िया मैयाके प्राण बचाये
  • गोमाताने प्रकट होकर मुसलमानकी रक्षा की
  • ब्रह्मलोक-प्रयाण
  • संकीर्तनके बलपर गङ्गाजीका बाँध बनवा दिया
  • ग्रामीणोंको दुर्व्यसनोंसे मुक्त हो शास्त्रानुसार चलनेकी प्रेरणा मिली
  • सिद्ध संतोंकी चमत्कारी घटनाएँ
  • भगवान् श्रीकृष्णके अनन्य प्रेमी कुछ गैर हिन्दू भक्तजन
  • मैंने अपने जीवनमें शास्त्रोंकी बातोंको अक्षरश: सत्य कैसे पाया?
  • धर्मकी बलिवेदीपर
  • श्रीरामभक्त छिनकूका अनूठा बलिदान
  • काठियावाड़-नरेशकी धर्मशास्त्रनिष्ठा
  • मुझे अशर्फियोंके थाल नहीं, मुट्ठीभर आटा चाहिये
  • व्रजवासियोंके टुकड़ोंमें जो आनन्द है, वह अन्यत्र कहीं नहीं है
  • बाबा! शेर बनकर गीदड़ क्यों बनते हो?
  • तुलसी-चरणामृतने जीवन बचाया
  • एक वैद्यने अनूठे ढंगसे राजाको नीरोग बनाया
  • ईमानदारी हो तो ऐसी हो
  • अनन्य आशा
  • आजादकी अद्‍भुत जितेन्द्रियता
  • श्रीबंकिमचन्द्र चटर्जीका अनूठा न्याय
  • जिसके हैं राम रक्षक, उसका है कौन भक्षक?
  • प्रचण्ड अग्निमें गिलहरी और चिड़ियाके बच्चे जीवित रहे
  • मकड़ीके जालेमें राम-नाम
  • अन्तिम पृष्ठ

सम्बंधित ई-पुस्तकें

विवेक चूडामणि

विवेक चूडामणि

साधक में साधुता

साधक में साधुता

मनन माला

मनन माला

तत्त्वविचार

तत्त्वविचार

मार्क्सवाद और रामराज्य

मार्क्सवाद और रामराज्य