॥ श्रीहरि:॥

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संक्षिप्त ब्रह्मपुराण

हिन्दी/संस्कृत

  • प्रथम पृष्ठ
  • निवेदन
  • नैमिषारण्यमें सूतजीका आगमन, पुराणका आरम्भ तथा सृष्टिका वर्णन
  • राजा पृथुका चरित्र
  • चौदह मन्वन्तरों तथा विवस्वान‍्की संततिका वर्णन
  • वैवस्वत मनुके वंशजोंका वर्णन
  • राजा सगरका चरित्र तथा इक्ष्वाकुवंशके मुख्य-मुख्य राजाओंका परिचय
  • चन्द्रवंशके अन्तर्गत जह्नु, कुशिक तथा भृगुवंशका संक्षिप्त वर्णन
  • आयु और नहुषके वंशका वर्णन, रजि एवं ययातिका चरित्र
  • ययाति-पुत्रोंके वंशका वर्णन
  • क्रोष्टु आदिके वंशका वर्णन तथा स्यमन्तकमणिकी कथा
  • जम्बूद्वीप तथा उसके विभिन्न वर्षोंसहित भारतवर्षका वर्णन
  • प्लक्ष आदि छ: द्वीपोंका वर्णन और भूमिका मान
  • पाताल और नरकोंका वर्णन तथा हरिनाम-कीर्तनकी महिमा
  • ग्रहों तथा भुव: आदि लोकोंकी स्थिति, श्रीविष्णुशक्तिका प्रभाव तथा शिशुमारचक्रका वर्णन
  • तीर्थ-वर्णन
  • भारतवर्षका वर्णन
  • कोणादित्यकी महिमा
  • भगवान् सूर्यकी महिमा
  • सूर्यकी महिमा तथा अदितिके गर्भसे उनके अवतारका वर्णन
  • श्रीसूर्यदेवकी स्तुति तथा उनके अष्टोत्तरशत नामोंका वर्णन
  • पार्वतीदेवीकी तपस्या, वरदान-प्राप्ति तथा उनके द्वारा ग्राहके मुखसे ब्राह्मण-बालकका उद्धार
  • पार्वतीजीका स्वयंवर और महादेवजीके साथ उनका विवाह
  • देवताओंद्वारा महादेवजीकी स्तुति, कामदेवका दाह तथा महादेवजीका मेरुपर्वतपर गमन
  • दक्ष-यज्ञ-विध्वंस
  • दक्षद्वारा भगवान् शिवकी स्तुति
  • एकाम्रकक्षेत्र तथा पुरुषोत्तमक्षेत्रकी महिमा
  • अवन्तीके महाराज इन्द्रद्युम्नका पुरुषोत्तमक्षेत्रमें जाना तथा वहाँकी इन्द्रनीलमयी प्रतिमाके गुप्त होनेकी कथा
  • राजा इन्द्रद्युम्नके द्वारा अश्वमेध-यज्ञ तथा पुरुषोत्तम-प्रासाद-निर्माणका कार्य
  • राजा इन्द्रद्युम्नके द्वारा भगवान् श्रीविष्णुकी स्तुति
  • राजाको स्वप्नमें और प्रत्यक्ष भी भगवान‍्का दर्शन, भगवत्प्रतिमाओंका निर्माण, स्थापन और यात्राकी महिमा
  • मार्कण्डेय मुनिको प्रलयकालमें बालमुकुन्दका दर्शन और उनका वरदान प्राप्त होना
  • मार्कण्डेयेश्वर शिव, वटवृक्ष, श्रीकृष्ण, बलभद्र एवं सुभद्राके दर्शन-पूजनका माहात्म्य
  • पुरुषोत्तमक्षेत्रमें भगवान् नृसिंह तथा श्वेतमाधवका माहात्म्य
  • मत्स्यमाधवकी महिमा, समुद्रमें मार्जन आदिकी विधि, अष्टाक्षर-मन्त्रकी महत्ता, स्नान, तर्पण-विधि तथा भगवान‍्की पूजाका वर्णन
  • भगवान् पुरुषोत्तमकी पूजा और दर्शनका फल, इन्द्रद्युम्नसरोवरके सेवनकी विधि एवं महिमाका वर्णन तथा ज्येष्ठकी पूर्णिमाको दर्शनका माहात्म्य
  • ज्येष्ठपूर्णिमाको श्रीकृष्ण, बलराम और सुभद्राके स्नानका उत्सव तथा उनके दर्शनका माहात्म्य
  • गुण्डिचा-यात्राका माहात्म्य तथा द्वादश यात्राकी प्रतिष्ठा-विधि
  • तीर्थोंके भेद, वामनका बलिसे भूमिदान-ग्रहण तथा गङ्गाजीका महेश्वरकी जटामें गमन
  • गौतमके द्वारा भगवान् शंकरकी स्तुति, शिवका गौतमको जटासहित गङ्गाका अर्पण तथा गौतमी गङ्गाका माहात्म्य
  • भागीरथी गङ्गाके अवतरणकी कथा
  • वाराहतीर्थ, कुशावर्त, नीलगङ्गा और कपोततीर्थकी महिमा; कपोत और कपोतीके अद्भुत त्यागका वर्णन
  • दशाश्वमेधिक और पैशाचतीर्थका माहात्म्य
  • क्षुधातीर्थ और अहल्या-संगम-तीर्थका माहात्म्य
  • जनस्थान, अश्वतीर्थ, भानुतीर्थ और अरुणा-वरुणा-संगमकी महिमा
  • गारुड़तीर्थ और गोवर्धनतीर्थकी महिमा
  • श्वेततीर्थ, शुक्रतीर्थ और इन्द्रतीर्थका माहात्म्य
  • पौलस्त्य, अग्नि और ऋणमोचन नामक तीर्थोंका माहात्म्य
  • सुपर्णा-संगम, पुरूरवस्तीर्थ, पञ्चतीर्थ, शमीतीर्थ, सोम आदि तीर्थ तथा वृद्धा-संगम-तीर्थकी महिमा
  • इलातीर्थके आविर्भावकी कथा
  • चक्रतीर्थ और पिप्पलतीर्थकी महिमा, महर्षि दधीचि, उनकी पत्नी गभस्तिनी तथा उनके पुत्र पिप्पलादके त्यागकी अद्भुत कथा
  • नागतीर्थकी महिमा
  • मातृतीर्थ, अविघ्नतीर्थ और शेषतीर्थकी महिमा
  • अश्वत्थ-पिप्पलतीर्थ, शनैश्चरतीर्थ, सोमतीर्थ, धान्यतीर्थ और विदर्भा-संगम तथा रेवती-संगम-तीर्थकी महिमा
  • पूर्णतीर्थ और गोविन्द आदि तीर्थोंकी महिमा, धन्वन्तरि और इन्द्रपर भगवान‍्की कृपा
  • श्रीरामतीर्थकी महिमा
  • पुत्रतीर्थकी महिमा
  • यम, आग्नेय, कपोत और उलूक-तीर्थकी महिमा
  • तपस्तीर्थ, इन्द्रतीर्थ और वृषाकपि एवं अब्जकतीर्थकी महिमा
  • आपस्तम्बतीर्थ, शुक्लतीर्थ और श्रीविष्णुतीर्थकी महिमा
  • लक्ष्मीतीर्थ और भानुतीर्थका माहात्म्य
  • खड्गतीर्थ और आत्रेयतीर्थकी महिमा
  • परुष्णीतीर्थ, नारसिंहतीर्थ, पैशाचनाशनतीर्थ, निम्नभेदतीर्थ और शङ्खह्रदतीर्थकी महिमा
  • किष्किन्धातीर्थ और व्यासतीर्थकी महिमा
  • कुशतर्पण एवं प्रणीता-संगम-तीर्थकी महिमा
  • सारस्वत तथा चिच्चिकतीर्थका माहात्म्य
  • भद्रतीर्थ, पतत्रितीर्थ और विप्रतीर्थकी महिमा
  • चक्षुस्तीर्थका माहात्म्य
  • सामुद्र, ऋषिसत्र आदि तीर्थोंकी महिमा तथा गौतमी-माहात्म्यका उपसंहार
  • अनन्त वासुदेवकी महिमा तथा पुरुषोत्तमक्षेत्रके माहात्म्यका उपसंहार
  • कण्डुमुनिका चरित्र और मुनिपर भगवान् पुरुषोत्तमकी कृपा
  • मुनियोंका भगवान‍्के अवतारके सम्बन्धमें प्रश्न और श्रीव्यासजीद्वारा उसका उत्तर
  • भगवान‍्के अवतारका उपक्रम
  • भगवान‍्का अवतार, गोकुलगमन, पूतना-वध, शकट-भञ्जन, यमलार्जुन-उद्धार, गोपोंका वृन्दावनगमन तथा बलराम और श्रीकृष्णका बछड़े चराना
  • कालिय नागका दमन
  • धेनुक और प्रलम्बका वध तथा गिरियज्ञका अनुष्ठान
  • इन्द्रके द्वारा भगवान‍्का अभिषेक, श्रीकृष्ण और गोपोंकी बातचीत, रासलीला और अरिष्टासुरका वध
  • कंसका अक्रूरको नन्दगाँव जानेकी आज्ञा देना और केशीका वध तथा भगवान‍्के पास नारदका आगमन
  • अक्रूरका नन्दगाँवमें जाना, श्रीराम-कृष्णकी मथुरायात्रा, गोपियोंकी कथा, अक्रूरको यमुनामें भगवद्दर्शन, उनके द्वारा भगवान‍्की स्तुति, मथुरा-प्रवेश, रजक-वध और मालीपर कृपा
  • कुब्जापर कृपा, कुवलयापीड, चाणूर, मुष्टिक, तोशल और कंसका वध तथा वसुदेवद्वारा भगवान‍्का स्तवन
  • भगवान‍्की माता-पितासे भेंट, उग्रसेनका राज्याभिषेक, श्रीकृष्ण-बलरामका विद्याध्ययन, गुरुपुत्रको यमपुरसे लाना, जरासंधकी पराजय, कालयवनका संहार तथा मुचुकुन्दद्वारा भगवान‍्का स्तवन
  • बलरामजीकी व्रजयात्रा, श्रीकृष्णद्वारा रुक्मिणीका हरण तथा प्रद्युम्नके द्वारा शम्बरासुरका वध
  • श्रीकृष्णकी संतति, अनिरुद्धके विवाहमें रुक्मीका वध,भौमासुरका वध, पारिजात-हरण तथा इन्द्रकी पराजय
  • भगवान् श्रीकृष्णका सोलह हजार स्त्रियोंसे विवाह और उनकी संतति तथा उषाका अनिरुद्धके साथ विवाह
  • पौण्ड्रकका वध और बलरामजीके द्वारा हस्तिनापुरका आकर्षण
  • द्विविदका वध, यदुकुलका संहार, अर्जुनका पराभव और पाण्डवोंका महाप्रस्थान
  • श्रीहरिके अनेक अवतारोंका संक्षिप्त वर्णन
  • यमलोकके मार्ग और चारों द्वारोंका वर्णन
  • यमलोकके दक्षिणद्वार तथा नरकोंका वर्णन
  • धर्मसे यमलोकमें सुखपूर्वक गति तथा भगवद्भक्तिके प्रभावका वर्णन
  • धर्मकी महिमा एवं अधर्मकी गतिका निरूपण तथा अन्नदानका माहात्म्य
  • श्राद्ध-कल्पका वर्णन
  • गृहस्थोचित सदाचार तथा कर्तव्याकर्तव्यका वर्णन
  • वर्ण और आश्रमोंके धर्मका निरूपण
  • उच्च वर्णकी अधोगति और नीच वर्णकी ऊर्ध्वगतिका कारण
  • स्वर्ग और नरकमें ले जानेवाले धर्माधर्मका निरूपण
  • भगवान् वासुदेवका माहात्म्य
  • श्रीवासुदेवके पूजनकी महिमा तथा एकादशीको भगवान‍्के मन्दिरमें जागरण करनेका माहात्म्य—ब्रह्मराक्षस और चाण्डालकी कथा
  • श्रीविष्णुमें भक्ति होनेका क्रम और कलि-धर्मका निरूपण
  • युगान्तकालकी अवस्थाका निरूपण
  • नैमित्तिक और प्राकृत प्रलयका वर्णन
  • आत्यन्तिक प्रलयका निरूपण, आध्यात्मिक आदि त्रिविध तापोंका वर्णन और भगवत्तत्त्वकी व्याख्या
  • योग और सांख्यका वर्णन
  • कर्म तथा ज्ञानका अन्तर, परमात्मतत्त्वका निरूपण तथा अध्यात्मज्ञान और उसके साधनोंका वर्णन
  • योग और सांख्यका संक्षिप्त वर्णन
  • क्षर-अक्षर-तत्त्वके विषयमें राजा करालजनक और वसिष्ठका संवाद
  • क्षर-अक्षर तथा योग और सांख्यका वर्णन
  • श्रीब्रह्मपुराणकी महिमा तथा ग्रन्थका उपसंहार
  • अन्तिम पृष्ठ

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