प्रारम्भसे ही भगवान् के अर्चन-पूजनमें सहस्रनाम का अत्यधिक महत्त्व माना गया है। सहस्रनाम-जप तथा सहस्रनामार्चन पूजा-पद्धतिमें विशेष महत्त्व रखता है। परमात्मप्रभुकी प्रसन्नताके निमित्त किया गया सहस्रनामस्तोत्रका पाठ तथा सहस्रार्चन अनन्त फलदायक होता है। आशा है भक्तजन इससे लाभान्वित होंगे।