॥ श्रीहरि:॥

gstlogo
हिन्दीarrowdown
प्रेरक कहानियाँ

श्रद्धेय स्वामी श्रीरामसुखदासजी महाराज

हिन्दी/संस्कृत

  • प्रथम पृष्ठ
  • प्राक्‍कथन
  • १. बुद्धिमान् बनजारा
  • २. ठण्डी रोटी
  • ३. सन्तोंकी शरण
  • ४. मरकर आदमी कहाँ गया?
  • ५. एक फूँककी दुनिया
  • ६. चार साधु और चोर
  • ७. सच्चा स्वाँग
  • ८. महलमें कमी
  • ९. हीरेका मूल्य
  • १०. इन्द्रकी पोशाक
  • ११. असली गहना
  • १२. कंजूसीका परिणाम
  • १३. जब साधु राजा बना
  • १४. दूसरेका कल्याण कौन कर सकता है?
  • १५. निन्यानबेका चक्‍कर
  • १६. गधेसे मनुष्य बनाना
  • १७. रात कैसी बीती?
  • १८. ससुरालकी रीति
  • १९. अब छाछको सोच कहा कर है!
  • २०. वहम मिट गया
  • २१. विलक्षण अतिथि-सत्कार
  • २२. एक शहरमें चार साधु
  • २३. चार आशीर्वाद
  • २४. आज्ञापालनकी महिमा
  • २५. विलक्षण साधना
  • २६. हल्ला मत करो
  • २७. जगत‍्की प्रीत
  • २८. सौ रुपयेकी एक बात
  • २९. बोला तो मरा!
  • ३०. त्यागके आदर्श
  • अन्तिम पृष्ठ

सम्बंधित ई-पुस्तकें

साधन सुधा सिन्धु

साधन सुधा सिन्धु

गृहस्थमें कैसे रहें ?

गृहस्थमें कैसे रहें ?

गीता माधुर्य

गीता माधुर्य

क्या गुरु बिना मुक्ति नहीं ?

क्या गुरु बिना मुक्ति नहीं ?

सार संग्रह

सार संग्रह