॥ श्रीहरि:॥

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महत्वपूर्ण शिक्षा

श्रद्धेय श्रीजयदयालजी गोयन्दका

हिन्दी/संस्कृत

श्रद्धेय श्रीजयदयालजी गोयन्दका के लेखोंमें शास्त्रोंके आधारपर सभी वर्ण और आश्रमवालोंके लिये आत्माके उद्धारकी बातें कही गयी हैं। कर्मयोग, भक्तियोग, ज्ञानयोग, सदाचार, वैराग्य, सत्संग और स्वाध्यायका विषय कथा और कहानियोंद्वारा भी समझाया गया है। अत: सर्वसाधारणको भी इसके पठनसे उपर्युक्त विषय सहजमें ही समझमें आ सकते हैं। कोई भी स्त्री-पुरुष इसे पढ़कर काममें लायेंगे तो इससे उनको विशेष लाभ हो सकता है।
  • प्रथम पृष्ठ
  • निवेदन
  • +
    हिंदू-संस्कृतिका स्वरूप
    • हिंदू-संस्कृति और रामायण
    • रामायणमें श्रीरामका आदर्श चरित्र
    • रामायणमें सीताजीका अनुकरणीय चरित्र
    • रामायणमें भ्रातृ-प्रेम
    • ईश्वरवाद
    • अवतारवाद
    • परलोकवाद
    • ईश्वरोपासना
    • बड़ोंका आदर-सत्कार
    • सद्गुण-सदाचारका सेवन
    • कानूनसे हिंदू-धर्मकी रक्षा
  • +
    त्रिविध कर्म
    • प्रारब्ध
    • संचित
    • क्रियमाण
  • आदर्श नारी सुशीला एक शिक्षाप्रद कहानी
  • सत्सङ्गकी कुछ सार बातें
  • राजा चक्ववेणके त्यागका प्रभाव
  • +
    स्कन्दपुराणके कुछ महत्त्वपूर्ण विषय
    • भगवान् स्कन्दका जन्म
    • तीर्थोंकी महिमा तथा दानका महत्त्व
    • दानका रहस्य
    • कलियुगकी विशेषता
    • पापोंके भेद
    • सदाचारका निरूपण
    • संसारसे वैराग्यका निरूपण तथा परमार्थ-चर्चाका अद्भुत प्रभाव
    • राजा शङ्ख और अगस्त्य मुनिको भगवद्दर्शन
    • भगवद्भक्ति और भक्तोंके लक्षण एवं जगन्नाथ क्षेत्रकी महिमा
    • श्रीबदरी और केदारक्षेत्रका माहात्म्य
    • कार्तिकमासका माहात्म्य
    • भक्त विष्णुदास और राजा चोलकी कथा
    • श्रीकृष्णनाम-माहात्म्य
    • वैशाखमासमें भगवद्भक्तिकी महिमा
    • सेतुबन्ध श्रीरामेश्वरका माहात्म्य
    • भगवान् श्रीरामका हनुमान् को ज्ञानोपदेश
    • पतिव्रता और विधवाओंके कर्तव्य
    • द्वादशाक्षर मंत्र, राम-नाम-महिमा और ध्यानयोग
    • मानसतीर्थ, काशी-माहात्म्य एवं गङ्गाकी महिमा
    • मानस-तीर्थ
    • काशी-माहात्म्य
    • गङ्गाजीकी महिमा
    • महाकालक्षेत्रकी महिमा
    • अतिथि-सत्कारका माहात्म्य
    • प्रभासक्षेत्रकी महिमा
    • नृसिंहावतार एवं प्रह्लादकी कथा
    • द्वारका-माहात्म्य
  • +
    सत्सङ्ग और कुसङ्ग
    • महापुरुषोंकी महिमा और उनके सङ्गका फल
    • दुराचारी पुरुष और दुराचारियोंके कुसङ्गका फल
  • सर्वभूतहिते रता: (कहानी)
  • महत्त्वपूर्ण प्रवचन*
  • जीवनकी सफलताके लिये अनुपम शिक्षा
  • +
    श्रीभरतजीमें नवधा भक्ति
    • (१) श्रवण-भक्ति
    • (२) कीर्तन-भक्ति
    • (३) स्मरण-भक्ति
    • (४) पादसेवन-भक्ति
    • (५) अर्चन-भक्ति
    • (६) वन्दन-भक्ति
    • (७) दास्य-भक्ति
    • (८) सख्य-भक्ति
    • (९) आत्मनिवेदन-भक्ति
    • उपसंहार
  • भगवान् के परम दिव्य-गुणसम्पन्न स्वरूपका ध्यान
  • ईश्वरभक्ति, सदाचार और गीताकी महिमा
  • श्रद्धा-प्रेम और साधनमें तत्परताकी आवश्यकता
  • +
    सिद्धान्त
    • १—सांख्यके साधनमें समता
    • २—योगके साधनमें समता
  • समताकी महिमा
  • आत्मा और परमात्माका रहस्य एवं सिद्धान्त
  • अन्तिम पृष्ठ

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