॥ श्रीहरि:॥

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ईश्वरसाक्षात्कार के लिये नाम-जप सर्वोपरि साधन है

श्रद्धेय श्रीजयदयालजी गोयन्दका

हिन्दी/संस्कृत

  • प्रथम पृष्ठ
  • ईश्वरसाक्षात्कारके लिये नाम-जप सर्वोपरि साधन है
  • महिमाका दिग्दर्शन
  • मेरा अनुभव
  • नाम-जप किसलिये करना चाहिये?
  • नाम-जप कैसे करना चाहिये?
  • सत्संगसे ही नाम-जपमें श्रद्धा होती है!
  • नाममें पापनाशकी स्वाभाविक शक्ति है
  • नाम-भजनसे ही ज्ञान हो जाता है
  • नामकी उपेक्षा नहीं करनी चाहिये
  • नाम-जपमें प्रमाद और आलस्य करना उचित नहीं
  • अन्तिम पृष्ठ

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