॥ श्रीहरि:॥

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हम कैसे रहें?

पण्डित श्रीलालबिहारीजी मिश्र

हिन्दी/संस्कृत

  • प्रथम पृष्ठ
  • निवेदन
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    विश्वमें कैसे रहें—समदर्शन करें
    • (१) सरस और सुगम साधन—समदर्शन
    • (२) समदर्शनके आदर्श
  • +
    परिवारमें कैसे रहें?
    • (१) पुत्रके लिये माता-पिताकी सेवा—सबसे श्रेष्ठ साधन
    • (२) माता-पिताकी उपेक्षा न करें
    • (३) पत्नीका अनुरागमूलक साधन—पतिसेवा
    • (४) पतिके लिये पत्नी भी तीर्थ
    • (५) पिताका वात्सल्यभरा कर्तव्य
    • (६) बड़े भाईका आदर्श
    • (७) छोटे भाईका आदर्श
    • (८) माताका आदर्श
    • (९) सासका आदर्श
    • (१०) आदर्श बहू सीता
  • +
    पड़ोसमें कैसे रहें?
    • संत तुकाराम
  • +
    समाजमें कैसे रहें?
    • (क) आदर्श मित्र मणिकुण्डलकी कथा
    • (ख) आदर्श शिष्य दीपककी कथा
    • (ग) आदर्श शिष्य उत्तंककी कथा
    • (घ) आदर्श गुरु महर्षि ऋभुकी कथा
  • सबसे प्रेम करें
  • अन्तिम पृष्ठ

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