॥ श्रीहरि:॥

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हनुमानबाहुक

हिन्दी/संस्कृत

असंख्य हरिभक्त श्रीहनुमान् जी के उपासक निरन्तर हनुमानबाहुक का पाठ करते हैं और अपने वांछित मनोरथको प्राप्त करके प्रसन्न होते हैं। संकटके समय इस सद्य:फलदायक स्तोत्रका श्रद्धा-विश्वासपूर्वक पाठ करना रामभक्तोंके लिये परमानन्ददायक सिद्ध हुआ है।
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