॥ श्रीहरि:॥

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गीता माधुर्य

श्रद्धेय स्वामी श्रीरामसुखदासजी महाराज

हिन्दी/संस्कृत

श्रीमद्भगवद्गीता मनुष्यमात्रको सही मार्ग दिखानेवाला सार्वभौम महाग्रन्थ है। लोगोंमें इसका अधिक-से-अधिक प्रचार हो, इस दृष्टिसे परम श्रद्धेय स्वामीजी श्रीरामसुखदासजी महाराजने इस ग्रन्थको प्रश्नोत्तर-शैलीमें बड़े सरल ढंगसे प्रस्तुत किया है, जिससे गीता पढ़नेमें सर्वसाधारण लोगोंकी रुचि पैदा हो जाय और वे इसके अर्थको सरलतासे समझ सकें। नित्यपाठ करनेके लिये भी यह पुस्तक बड़ी उपयोगी है। पाठकोंसे निवेदन है कि इस पुस्तकको स्वयं भी पढ़ें और अपने मित्रों, सगे-सम्बन्धियों आदिको भी पढ़नेके लिये प्रेरित करें।
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