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॥ श्रीहरि:॥
हिन्दी
ई – पुस्तकें
होम
/ ई – पुस्तकें
/ गीता ज्ञान प्रवेशिका
गीता ज्ञान प्रवेशिका
लेखक
श्रद्धेय स्वामी श्रीरामसुखदासजी महाराज
भाषा
हिन्दी/संस्कृत
पुस्तक पढ़ें
विषय-सूची
•
प्रथम पृष्ठ
•
नम्र निवेदन
•
१. गीताके सम्बन्धमें कुछ ज्ञातव्य बातें
+
२. गीता-पाठकी विधियाँ
•
संस्कृत भाषाका शुद्ध उच्चारण करनेकी विधि
+
३. गीता-पाठके विश्राम-स्थल
•
पाक्षिक पाठ
•
चौदह दिनमें पूरा पाठ
•
सात दिनमें पूरा पाठ
•
तीन दिनमें पूरा पाठ
+
४. गीताके प्रधान और सूक्ष्म विषय
•
पहला अध्याय
•
दूसरा अध्याय
•
तीसरा अध्याय
•
चौथा अध्याय
•
पाँचवाँ अध्याय
•
छठा अध्याय
•
सातवाँ अध्याय
•
आठवाँ अध्याय
•
नवाँ अध्याय
•
दसवाँ अध्याय
•
ग्यारहवाँ अध्याय
•
बारहवाँ अध्याय
•
तेरहवाँ अध्याय
•
चौदहवाँ अध्याय
•
पंद्रहवाँ अध्याय
•
सोलहवाँ अध्याय
•
सत्रहवाँ अध्याय
•
अठारहवाँ अध्याय
•
५. गीताके प्रत्येक अध्यायका नाम, श्लोक, पद एवं अक्षर
•
६. गीतामें विभिन्न वक्ताओंद्वारा कथित श्लोकोंकी संख्या
•
७. गीतामें ‘उवाच’
•
८. गीतामें अर्जुनके द्वारा किये गये प्रश्नोंके स्थल
•
९. गीतामें भगवान् के चालीस सम्बोधनात्मक नाम और उनके अर्थ
•
१०. गीतामें अर्जुनके बाईस सम्बोधनात्मक नाम और उनके अर्थ
•
११. गीतामें सञ्जय, धृतराष्ट्र और द्रोणाचार्यके सम्बोधनात्मक नाम
+
१२. गीतामें आये सम्बोधनात्मक पदोंकी अध्यायक्रमसे तालिका
•
प्रथमोऽध्याय:
•
द्वितीयोऽध्याय:
•
तृतीयोऽध्याय:
•
चतुर्थोऽध्याय:
•
पञ्चमोऽध्याय:
•
षष्ठोऽध्याय:
•
सप्तमोऽध्याय:
•
अष्टमोऽध्याय:
•
नवमोऽध्याय:
•
दशमोऽध्याय:
•
एकादशोऽध्याय:
•
द्वादशोऽध्याय:
•
त्रयोदशोऽध्याय:
•
चतुर्दशोऽध्याय:
•
पञ्चदशोऽध्याय:
•
षोडशोऽध्याय:
•
सप्तदशोऽध्याय:
•
अष्टादशोऽध्याय:
+
१३. गीताभ्यासकी विधि
•
क—कण्ठस्थ याद करनेके लिये
•
ख—श्लोक-संख्या याद करनेके लिये
•
ग—अर्थ और भावोंके मननके लिये
•
घ—गीताका सर्वतोमुखी मनन करनेके लिये
•
ङ—गीतामय जीवन बनानेके लिये
+
१४. गीताकी श्लोक-संख्या कण्ठस्थ रखनेके लिये तीन तालिकाएँ
•
तालिका नं-१
•
तालिका नं २
•
तालिका नं ३
•
१५. गीताके मननके लिये कतिपय प्रश्न
+
१६. मूल गीता
+
प्रथमोऽध्याय:
•
श्लोक-१
•
श्लोक-२
•
श्लोक-३
•
श्लोक-४
•
श्लोक-५
•
श्लोक-६
•
श्लोक-७
•
श्लोक-८
•
श्लोक-९
•
श्लोक-१०
•
श्लोक-११
•
श्लोक-१२
•
श्लोक-१३
•
श्लोक-१४
•
श्लोक-१५
•
श्लोक-१६
•
श्लोक-१७
•
श्लोक-१८
•
श्लोक-१९
•
श्लोक-२०
•
श्लोक-२१
•
श्लोक-२२
•
श्लोक-२३
•
श्लोक-२४
•
श्लोक-२५
•
श्लोक-२६
•
श्लोक-२७
•
श्लोक-२८
•
श्लोक-२९
•
श्लोक-३०
•
श्लोक-३१
•
श्लोक-३२
•
श्लोक-३३
•
श्लोक-३४
•
श्लोक-३५
•
श्लोक-३६
•
श्लोक-३७
•
श्लोक-३८
•
श्लोक-३९
•
श्लोक-४०
•
श्लोक-४१
•
श्लोक-४२
•
श्लोक-४३
•
श्लोक-४४
•
श्लोक-४५
•
श्लोक-४६
•
श्लोक-४७
+
द्वितीयोऽध्याय:
•
श्लोक-१
•
श्लोक-२
•
श्लोक-३
•
श्लोक-४
•
श्लोक-५
•
श्लोक-६
•
श्लोक-७
•
श्लोक-८
•
श्लोक-९
•
श्लोक-१०
•
श्लोक-११
•
श्लोक-१२
•
श्लोक-१३
•
श्लोक-१४
•
श्लोक-१५
•
श्लोक-१६
•
श्लोक-१७
•
श्लोक-१८
•
श्लोक-१९
•
श्लोक-२०
•
श्लोक-२१
•
श्लोक-२२
•
श्लोक-२३
•
श्लोक-२४
•
श्लोक-२५
•
श्लोक-२६
•
श्लोक-२७
•
श्लोक-२८
•
श्लोक-२९
•
श्लोक-३०
•
श्लोक-३१
•
श्लोक-३२
•
श्लोक-३३
•
श्लोक-३४
•
श्लोक-३५
•
श्लोक-३६
•
श्लोक-३७
•
श्लोक-३८
•
श्लोक-३९
•
श्लोक-४०
•
श्लोक-४१
•
श्लोक-४२
•
श्लोक-४३
•
श्लोक-४४
•
श्लोक-४५
•
श्लोक-४६
•
श्लोक-४७
•
श्लोक-४८
•
श्लोक-४९
•
श्लोक-५०
•
श्लोक-५१
•
श्लोक-५२
•
श्लोक-५३
•
श्लोक-५४
•
श्लोक-५५
•
श्लोक-५६
•
श्लोक-५७
•
श्लोक-५८
•
श्लोक-५९
•
श्लोक-६०
•
श्लोक-६१
•
श्लोक-६२
•
श्लोक-६३
•
श्लोक-६४
•
श्लोक-६५
•
श्लोक-६६
•
श्लोक-६७
•
श्लोक-६८
•
श्लोक-६९
•
श्लोक-७०
•
श्लोक-७१
•
श्लोक-७२
+
तृतीयोऽध्याय:
•
श्लोक-१
•
श्लोक-२
•
श्लोक-३
•
श्लोक-४
•
श्लोक-५
•
श्लोक-६
•
श्लोक-७
•
श्लोक-८
•
श्लोक-९
•
श्लोक-१०
•
श्लोक-११
•
श्लोक-१२
•
श्लोक-१३
•
श्लोक-१४
•
श्लोक-१५
•
श्लोक-१६
•
श्लोक-१७
•
श्लोक-१८
•
श्लोक-१९
•
श्लोक-२०
•
श्लोक-२१
•
श्लोक-२२
•
श्लोक-२३
•
श्लोक-२४
•
श्लोक-२५
•
श्लोक-२६
•
श्लोक-२७
•
श्लोक-२८
•
श्लोक-२९
•
श्लोक-३०
•
श्लोक-३१
•
श्लोक-३२
•
श्लोक-३३
•
श्लोक-३४
•
श्लोक-३५
•
श्लोक-३६
•
श्लोक-३७
•
श्लोक-३८
•
श्लोक-३९
•
श्लोक-४०
•
श्लोक-४१
•
श्लोक-४२
•
श्लोक-४३
+
चतुर्थोऽध्याय:
•
श्लोक-१
•
श्लोक-२
•
श्लोक-३
•
श्लोक-४
•
श्लोक-५
•
श्लोक-६
•
श्लोक-७
•
श्लोक-८
•
श्लोक-९
•
श्लोक-१०
•
श्लोक-११
•
श्लोक-१२
•
श्लोक-१३
•
श्लोक-१४
•
श्लोक-१५
•
श्लोक-१६
•
श्लोक-१७
•
श्लोक-१८
•
श्लोक-१९
•
श्लोक-२०
•
श्लोक-२१
•
श्लोक-२२
•
श्लोक-२३
•
श्लोक-२४
•
श्लोक-२५
•
श्लोक-२६
•
श्लोक-२७
•
श्लोक-२८
•
श्लोक-२९
•
श्लोक-३०
•
श्लोक-३१
•
श्लोक-३२
•
श्लोक-३३
•
श्लोक-३४
•
श्लोक-३५
•
श्लोक-३६
•
श्लोक-३७
•
श्लोक-३८
•
श्लोक-३९
•
श्लोक-४०
•
श्लोक-४१
•
श्लोक-४२
+
पञ्चमोऽध्याय:
•
श्लोक-१
•
श्लोक-२
•
श्लोक-३
•
श्लोक-४
•
श्लोक-५
•
श्लोक-६
•
श्लोक-७
•
श्लोक-८
•
श्लोक-९
•
श्लोक-१०
•
श्लोक-११
•
श्लोक-१२
•
श्लोक-१३
•
श्लोक-१४
•
श्लोक-१५
•
श्लोक-१६
•
श्लोक-१७
•
श्लोक-१८
•
श्लोक-१९
•
श्लोक-२०
•
श्लोक-२१
•
श्लोक-२२
•
श्लोक-२३
•
श्लोक-२४
•
श्लोक-२५
•
श्लोक-२६
•
श्लोक-२७
•
श्लोक-२८
•
श्लोक-२९
+
षष्ठोऽध्याय:
•
श्लोक-१
•
श्लोक-२
•
श्लोक-३
•
श्लोक-४
•
श्लोक-५
•
श्लोक-६
•
श्लोक-७
•
श्लोक-८
•
श्लोक-९
•
श्लोक-१०
•
श्लोक-११
•
श्लोक-१२
•
श्लोक-१३
•
श्लोक-१४
•
श्लोक-१५
•
श्लोक-१६
•
श्लोक-१७
•
श्लोक-१८
•
श्लोक-१९
•
श्लोक-२०
•
श्लोक-२१
•
श्लोक-२२
•
श्लोक-२३
•
श्लोक-२४
•
श्लोक-२५
•
श्लोक-२६
•
श्लोक-२७
•
श्लोक-२८
•
श्लोक-२९
•
श्लोक-३०
•
श्लोक-३१
•
श्लोक-३२
•
श्लोक-३३
•
श्लोक-३४
•
श्लोक-३५
•
श्लोक-३६
•
श्लोक-३७
•
श्लोक-३८
•
श्लोक-३९
•
श्लोक-४०
•
श्लोक-४१
•
श्लोक-४२
•
श्लोक-४३
•
श्लोक-४४
•
श्लोक-४५
•
श्लोक-४६
•
श्लोक-४७
+
सप्तमोऽध्याय:
•
श्लोक-१
•
श्लोक-२
•
श्लोक-३
•
श्लोक-४
•
श्लोक-५
•
श्लोक-६
•
श्लोक-७
•
श्लोक-८
•
श्लोक-९
•
श्लोक-१०
•
श्लोक-११
•
श्लोक-१२
•
श्लोक-१३
•
श्लोक-१४
•
श्लोक-१५
•
श्लोक-१६
•
श्लोक-१७
•
श्लोक-१८
•
श्लोक-१९
•
श्लोक-२०
•
श्लोक-२१
•
श्लोक-२२
•
श्लोक-२३
•
श्लोक-२४
•
श्लोक-२५
•
श्लोक-२६
•
श्लोक-२७
•
श्लोक-२८
•
श्लोक-२९
•
श्लोक-३०
+
अष्टमोऽध्याय:
•
श्लोक-१
•
श्लोक-२
•
श्लोक-३
•
श्लोक-४
•
श्लोक-५
•
श्लोक-६
•
श्लोक-७
•
श्लोक-८
•
श्लोक-९
•
श्लोक-१०
•
श्लोक-११
•
श्लोक-१२
•
श्लोक-१३
•
श्लोक-१४
•
श्लोक-१५
•
श्लोक-१६
•
श्लोक-१७
•
श्लोक-१८
•
श्लोक-१९
•
श्लोक-२०
•
श्लोक-२१
•
श्लोक-२२
•
श्लोक-२३
•
श्लोक-२४
•
श्लोक-२५
•
श्लोक-२६
•
श्लोक-२७
•
श्लोक-२८
+
नवमोऽध्याय:
•
श्लोक-१
•
श्लोक-२
•
श्लोक-३
•
श्लोक-४
•
श्लोक-५
•
श्लोक-६
•
श्लोक-७
•
श्लोक-८
•
श्लोक-९
•
श्लोक-१०
•
श्लोक-११
•
श्लोक-१२
•
श्लोक-१३
•
श्लोक-१४
•
श्लोक-१५
•
श्लोक-१६
•
श्लोक-१७
•
श्लोक-१८
•
श्लोक-१९
•
श्लोक-२०
•
श्लोक-२१
•
श्लोक-२२
•
श्लोक-२३
•
श्लोक-२४
•
श्लोक-२५
•
श्लोक-२६
•
श्लोक-२७
•
श्लोक-२८
•
श्लोक-२९
•
श्लोक-३०
•
श्लोक-३१
•
श्लोक-३२
•
श्लोक-३३
•
श्लोक-३४
+
दशमोऽध्याय:
•
श्लोक-१
•
श्लोक-२
•
श्लोक-३
•
श्लोक-४
•
श्लोक-५
•
श्लोक-६
•
श्लोक-७
•
श्लोक-८
•
श्लोक-९
•
श्लोक-१०
•
श्लोक-११
•
श्लोक-१२
•
श्लोक-१३
•
श्लोक-१४
•
श्लोक-१५
•
श्लोक-१६
•
श्लोक-१७
•
श्लोक-१८
•
श्लोक-१९
•
श्लोक-२०
•
श्लोक-२१
•
श्लोक-२२
•
श्लोक-२३
•
श्लोक-२४
•
श्लोक-२५
•
श्लोक-२६
•
श्लोक-२७
•
श्लोक-२८
•
श्लोक-२९
•
श्लोक-३०
•
श्लोक-३१
•
श्लोक-३२
•
श्लोक-३३
•
श्लोक-३४
•
श्लोक-३५
•
श्लोक-३६
•
श्लोक-३७
•
श्लोक-३८
•
श्लोक-३९
•
श्लोक-४०
•
श्लोक-४१
•
श्लोक-४२
+
एकादशोऽध्याय:
•
श्लोक-१
•
श्लोक-२
•
श्लोक-३
•
श्लोक-४
•
श्लोक-५
•
श्लोक-६
•
श्लोक-७
•
श्लोक-८
•
श्लोक-९
•
श्लोक-१०
•
श्लोक-११
•
श्लोक-१२
•
श्लोक-१३
•
श्लोक-१४
•
श्लोक-१५
•
श्लोक-१६
•
श्लोक-१७
•
श्लोक-१८
•
श्लोक-१९
•
श्लोक-२०
•
श्लोक-२१
•
श्लोक-२२
•
श्लोक-२३
•
श्लोक-२४
•
श्लोक-२५
•
श्लोक-२६
•
श्लोक-२७
•
श्लोक-२८
•
श्लोक-२९
•
श्लोक-३०
•
श्लोक-३१
•
श्लोक-३२
•
श्लोक-३३
•
श्लोक-३४
•
श्लोक-३५
•
श्लोक-३६
•
श्लोक-३७
•
श्लोक-३८
•
श्लोक-३९
•
श्लोक-४०
•
श्लोक-४१
•
श्लोक-४२
•
श्लोक-४३
•
श्लोक-४४
•
श्लोक-४५
•
श्लोक-४६
•
श्लोक-४७
•
श्लोक-४८
•
श्लोक-४९
•
श्लोक-५०
•
श्लोक-५१
•
श्लोक-५२
•
श्लोक-५३
•
श्लोक-५४
•
श्लोक-५५
+
द्वादशोऽध्याय:
•
श्लोक-१
•
श्लोक-२
•
श्लोक-३
•
श्लोक-४
•
श्लोक-५
•
श्लोक-६
•
श्लोक-७
•
श्लोक-८
•
श्लोक-९
•
श्लोक-१०
•
श्लोक-११
•
श्लोक-१२
•
श्लोक-१३
•
श्लोक-१४
•
श्लोक-१५
•
श्लोक-१६
•
श्लोक-१७
•
श्लोक-१८
•
श्लोक-१९
•
श्लोक-२०
+
त्रयोदशोऽध्याय:
•
श्लोक-१
•
श्लोक-२
•
श्लोक-३
•
श्लोक-४
•
श्लोक-५
•
श्लोक-६
•
श्लोक-७
•
श्लोक-८
•
श्लोक-९
•
श्लोक-१०
•
श्लोक-११
•
श्लोक-१२
•
श्लोक-१३
•
श्लोक-१४
•
श्लोक-१५
•
श्लोक-१६
•
श्लोक-१७
•
श्लोक-१८
•
श्लोक-१९
•
श्लोक-२०
•
श्लोक-२१
•
श्लोक-२२
•
श्लोक-२३
•
श्लोक-२४
•
श्लोक-२५
•
श्लोक-२६
•
श्लोक-२७
•
श्लोक-२८
•
श्लोक-२९
•
श्लोक-३०
•
श्लोक-३१
•
श्लोक-३२
•
श्लोक-३३
•
श्लोक-३४
+
चतुर्दशोऽध्याय:
•
श्लोक-१
•
श्लोक-२
•
श्लोक-३
•
श्लोक-४
•
श्लोक-५
•
श्लोक-६
•
श्लोक-७
•
श्लोक-८
•
श्लोक-९
•
श्लोक-१०
•
श्लोक-११
•
श्लोक-१२
•
श्लोक-१३
•
श्लोक-१४
•
श्लोक-१५
•
श्लोक-१६
•
श्लोक-१७
•
श्लोक-१८
•
श्लोक-१९
•
श्लोक-२०
•
श्लोक-२१
•
श्लोक-२२
•
श्लोक-२३
•
श्लोक-२४
•
श्लोक-२५
•
श्लोक-२६
•
श्लोक-२७
+
पञ्चदशोऽध्याय:
•
श्लोक-१
•
श्लोक-२
•
श्लोक-३
•
श्लोक-४
•
श्लोक-५
•
श्लोक-६
•
श्लोक-७
•
श्लोक-८
•
श्लोक-९
•
श्लोक-१०
•
श्लोक-११
•
श्लोक-१२
•
श्लोक-१३
•
श्लोक-१४
•
श्लोक-१५
•
श्लोक-१६
•
श्लोक-१७
•
श्लोक-१८
•
श्लोक-१९
•
श्लोक-२०
+
षोडशोऽध्याय:
•
श्लोक-१
•
श्लोक-२
•
श्लोक-३
•
श्लोक-४
•
श्लोक-५
•
श्लोक-६
•
श्लोक-७
•
श्लोक-८
•
श्लोक-९
•
श्लोक-१०
•
श्लोक-११
•
श्लोक-१२
•
श्लोक-१३
•
श्लोक-१४
•
श्लोक-१५
•
श्लोक-१६
•
श्लोक-१७
•
श्लोक-१८
•
श्लोक-१९
•
श्लोक-२०
•
श्लोक-२१
•
श्लोक-२२
•
श्लोक-२३
•
श्लोक-२४
+
सप्तदशोऽध्याय:
•
श्लोक-१
•
श्लोक-२
•
श्लोक-३
•
श्लोक-४
•
श्लोक-५
•
श्लोक-६
•
श्लोक-७
•
श्लोक-८
•
श्लोक-९
•
श्लोक-१०
•
श्लोक-११
•
श्लोक-१२
•
श्लोक-१३
•
श्लोक-१४
•
श्लोक-१५
•
श्लोक-१६
•
श्लोक-१७
•
श्लोक-१८
•
श्लोक-१९
•
श्लोक-२०
•
श्लोक-२१
•
श्लोक-२२
•
श्लोक-२३
•
श्लोक-२४
•
श्लोक-२५
•
श्लोक-२६
•
श्लोक-२७
•
श्लोक-२८
+
अष्टादशोऽध्याय:
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श्लोक-१
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श्लोक-२
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श्लोक-३
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श्लोक-४
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श्लोक-५
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श्लोक-६
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श्लोक-७
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श्लोक-८
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श्लोक-९
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श्लोक-१०
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श्लोक-११
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श्लोक-१२
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श्लोक-१३
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श्लोक-१४
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श्लोक-१५
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श्लोक-१६
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श्लोक-१७
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श्लोक-१८
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श्लोक-१९
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श्लोक-२९
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श्लोक-३०
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श्लोक-३४
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श्लोक-३५
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श्लोक-३६
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श्लोक-३७
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श्लोक-३८
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श्लोक-३९
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श्लोक-४०
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श्लोक-४१
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श्लोक-४५
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श्लोक-५०
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श्लोक-५४
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श्लोक-५५
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श्लोक-६६
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श्लोक-६७
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श्लोक-७३
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श्लोक-७४
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श्लोक-७५
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श्लोक-७६
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श्लोक-७७
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श्लोक-७८
+
१७. श्रीमद्भगवद्गीता-पादानुक्रमणिका
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अ
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आ
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ई
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उ
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ऊ
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ऋ
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म
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र
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ल
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श
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ष
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स
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ह
+
१८. गीताकी शब्दानुक्रमणिका (अकारादिवर्णानुक्रम:)
•
अ०
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आ
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इ
•
ई
•
उ
•
ऊ
•
ऋ
•
ए
•
ऐ
•
ओ
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क
•
का
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कि
•
की
•
कु
•
कू
•
कृ
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के
•
कै
•
कौ
•
क्र
•
क्रि
•
क्रू
•
क्रो
•
क्ले
•
क्लै
•
क्व
•
क्ष
•
क्षा
•
क्षि
•
क्षी
•
क्षु
•
क्षे
•
ख
•
खे
•
ग
•
गा
•
गि
•
गी
•
गु
•
गृ
•
गे
•
गो
•
ग्र
•
ग्ला
•
घा
•
घो
•
घ्न
•
घ्रा
•
च
•
चा
•
चि
•
चू
•
चे
•
चै
•
च्य
•
छ
•
छि
•
छे
•
ज
•
जा
•
जि
•
जी
•
जु
•
जे
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जो
•
ज्ञा
•
ज्या
•
ज्यो
•
ज्व
•
झ
•
त
•
ता
•
ति
•
तु
•
तू
•
तृ
•
ते
•
तै
•
तो
•
तौ
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त्य
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त्र
•
त्रा
•
त्रि
•
त्री
•
त्रै
•
त्व
•
त्वा
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द
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दा
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दि
•
दी
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दु
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दू
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दृ
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दे
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दै
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दो
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द्या
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द्यू
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द्र
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द्रु
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द्रो
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द्रौ
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द्व
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द्वा
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द्वि
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द्वे
•
द्वौ
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ध
•
धा
•
धी
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धृ
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ध्या
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ध्रु
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नि
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नृ
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नै
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नो
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प्रे
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फ
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बा
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बि
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बु
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बो
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•
ब्रा
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ब्रू
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•
भा
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भि
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भी
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भु
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भू
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भृ
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भे
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भै
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भो
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भ्र
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भ्रा
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भ्रु
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म
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मा
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मि
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मु
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मृ
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मे
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मै
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मो
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म्रि
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य
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या
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यु
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यो
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र
•
रा
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रि
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रु
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रू
•
रो
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ल
•
ला
•
लि
•
लु
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ले
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लो
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वा
•
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•
वे
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व्य
•
व्या
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व्यू
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व्र
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श
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शा
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शि
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शी
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शू
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शृ
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शै
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शो
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शौ
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श्या
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श्र
•
श्रि
•
श्री
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श्रु
•
श्रे
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श्रो
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श्व
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श्वे
•
ष
•
स
•
सा
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सि
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सी
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सू
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सृ
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से
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सै
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सो
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सौ
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स्क
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स्त
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स्तु
•
स्ते
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स्त्रि
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स्त्री
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स्था
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स्थि
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स्थै
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स्नि
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स्प
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स्पृ
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स्म
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स्मृ
•
स्य
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स्या
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स्यु
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स्र
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स्रो
•
स्व
•
स्वा
•
स्वे
•
ह
•
हा
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हि
•
हु
•
हृ
•
हे
•
ह्रि
•
ह्री
+
१९. श्रीमद्भगवद्गीतान्तर्गत श्लोकोंकी अकारादिवर्णानुक्रम-सूची
•
अ
•
आ
•
इ
•
ई
•
उ
•
ऊ
•
ऋ
•
ए
•
ओ
•
क
•
ग
•
च
•
ज
•
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•
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•
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•
न
•
प
•
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•
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य
•
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ल
•
व
•
श
•
स
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ह
•
आरती
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अन्तिम पृष्ठ
•
सम्बंधित ई-पुस्तकें
सत्संग की विलक्षणता
जीवनोपयोगी कल्याण मार्ग
यह विकास है या विनाश ? जरा सोचिये
मातृशक्ति का घोर अपमान
गीता सुधातरङ्गिणी
श्रीमद्भगवद्गीता (मूल)
श्रीमद्भगवद्गीता पदच्छेद
श्रीमद्भगवद्गीता साधक संजीवनी
श्रीमद्भगवद्गीता तत्त्वविवेचनी
श्रीमद्भगवद्गीता (हिन्दी अर्थ सहित)
गीता प्रबोधनी
श्रीमद्भगवद्गीता (माहात्म्य हिंदी-...
गीता चिन्तन
कल्याणकारी प्रवचन
गृहस्थमें कैसे रहें ?
साधन सुधा सिन्धु
गीता माधुर्य
श्रीमद्भगवद्गीता सुगम पाठ
क्या गुरु बिना मुक्ति नहीं ?
सार संग्रह
साधन सुधा निधि
नाम जप की महिमा
श्रीमद्भगवद्गीता माहात्म्य की कहानि...
श्रीमद्भगवद्गीता शांकरभाष्य
गीता दर्पण
श्रीकृष्ण विज्ञान
गीता संग्रह
श्रीज्ञानेश्वरी (हिन्दी-भावानुवाद)
शिखा (चोटी) धारणकी आवश्यकता
मानस में नाम-वन्दना
प्रश्नोत्तर मणिमाला
मानवमात्र के कल्याण के लिये
भगवन्नाम
श्रीमद्भगवद्गीता श्रीरामानुज भाष्य
शरणागति
सत्संग के अमृत कण
मेरे तो गिरधर गोपाल
एक संत की वसीयत
सहज साधना
कर्म रहस्य
अच्छे बनो
प्रेरक कहानियाँ
मूर्ति पूजा
कल्याण पथ
आदर्श कहानियाँ
सागर के मोती
वासुदेव: सर्वम्
जीवनोपयोगी प्रवचन
तात्त्विक प्रवचन
सब साधनों का सार
भगवत्तत्त्व
अमृत बिन्दु
परम पिता से प्रार्थना
सच्चा गुरु कौन ?
तत्त्वज्ञान कैसे हो?
दुर्गति से बचो
महापाप से बचो
जीवन का सत्य
एकै साधै सब सधै
जीवन का कर्तव्य
सत्य की खोज
भगवान् और उनकी भक्ति
भगवत्प्राप्ति सहज है
ज्ञान के दीप जले
आवश्यक शिक्षा
हम ईश्वर को क्यों मानें?
नित्ययोग की प्राप्ति
भगवान् से अपनापन
साधन और साध्य
गीता माधुर्यम्
पाण्डवगीता
हंसगीता
संसार का असर कैसे छूटे ?
तू ही तू
वास्तविक सुख
किसान और गाय
सत्संग के फूल
संत समागम
जित देखूँ तित तू
साधकों के प्रति
स्वाधीन कैसे बनें ?
एक नयी बात
सुन्दर समाज का निर्माण
सर्वोच्च पद की प्राप्ति का साधन
भगवत्प्राप्ति की सुगमता
सत्संग का प्रसाद
जिन खोजा तिन पाइया
देश की वर्तमान दशा तथा उसका परिणाम
सत्संग मुक्ताहार
अमरता की ओर
सब जग ईश्वररूप है
सत्संग की विलक्षणता
जीवनोपयोगी कल्याण मार्ग
यह विकास है या विनाश ? जरा सोचिये
मातृशक्ति का घोर अपमान
गीता सुधातरङ्गिणी
श्रीमद्भगवद्गीता (मूल)
श्रीमद्भगवद्गीता पदच्छेद
श्रीमद्भगवद्गीता साधक संजीवनी
श्रीमद्भगवद्गीता तत्त्वविवेचनी
श्रीमद्भगवद्गीता (हिन्दी अर्थ सहित)
गीता प्रबोधनी
श्रीमद्भगवद्गीता (माहात्म्य हिंदी-...
गीता चिन्तन
कल्याणकारी प्रवचन
गृहस्थमें कैसे रहें ?
साधन सुधा सिन्धु
गीता माधुर्य
श्रीमद्भगवद्गीता सुगम पाठ
क्या गुरु बिना मुक्ति नहीं ?
सार संग्रह
साधन सुधा निधि
नाम जप की महिमा
श्रीमद्भगवद्गीता माहात्म्य की कहानि...
श्रीमद्भगवद्गीता शांकरभाष्य
गीता दर्पण
श्रीकृष्ण विज्ञान
गीता संग्रह
श्रीज्ञानेश्वरी (हिन्दी-भावानुवाद)
शिखा (चोटी) धारणकी आवश्यकता
मानस में नाम-वन्दना
प्रश्नोत्तर मणिमाला
मानवमात्र के कल्याण के लिये
भगवन्नाम
श्रीमद्भगवद्गीता श्रीरामानुज भाष्य
शरणागति
सत्संग के अमृत कण
मेरे तो गिरधर गोपाल
एक संत की वसीयत
सहज साधना
कर्म रहस्य
अच्छे बनो
प्रेरक कहानियाँ
मूर्ति पूजा
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आदर्श कहानियाँ
सागर के मोती
वासुदेव: सर्वम्
जीवनोपयोगी प्रवचन
तात्त्विक प्रवचन
सब साधनों का सार
भगवत्तत्त्व
अमृत बिन्दु
परम पिता से प्रार्थना
सच्चा गुरु कौन ?
तत्त्वज्ञान कैसे हो?
दुर्गति से बचो
महापाप से बचो
जीवन का सत्य
एकै साधै सब सधै
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सत्य की खोज
भगवान् और उनकी भक्ति
भगवत्प्राप्ति सहज है
ज्ञान के दीप जले
आवश्यक शिक्षा
हम ईश्वर को क्यों मानें?
नित्ययोग की प्राप्ति
भगवान् से अपनापन
साधन और साध्य
गीता माधुर्यम्
पाण्डवगीता
हंसगीता
संसार का असर कैसे छूटे ?
तू ही तू
वास्तविक सुख
किसान और गाय
सत्संग के फूल
संत समागम
जित देखूँ तित तू
साधकों के प्रति
स्वाधीन कैसे बनें ?
एक नयी बात
सुन्दर समाज का निर्माण
सर्वोच्च पद की प्राप्ति का साधन
भगवत्प्राप्ति की सुगमता
सत्संग का प्रसाद
जिन खोजा तिन पाइया
देश की वर्तमान दशा तथा उसका परिणाम
सत्संग मुक्ताहार
अमरता की ओर
सब जग ईश्वररूप है
सत्संग की विलक्षणता
जीवनोपयोगी कल्याण मार्ग
यह विकास है या विनाश ? जरा सोचिये
मातृशक्ति का घोर अपमान
गीता सुधातरङ्गिणी