॥ श्रीहरि:॥

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देवर्षि नारद

हिन्दी/संस्कृत

  • प्रथम पृष्ठ
  • निवेदन
  • प्राक्‍कथन
  • आविर्भाव और पूर्वजन्म
  • नारद नामका शब्दार्थ—नारदका निवास-विचार—क्या नारदकी कलहकारिता लोकप्रवादमात्र है?
  • देवर्षि नारदका वर्ण एवं आश्रम—उनका निवासस्थान (आश्रम)—सर्वत्र समस्त योनियोंद्वारा उनकी बहुमान्यता
  • देवर्षि नारदकी ज्ञानगरिमा, उनके उपदेश, उपाख्यान, सिद्धान्त और रचे हुए ग्रन्थ
  • आदिकवि वाल्मीकके सोलह प्रश्न और देवर्षि नारदके उत्तर
  • श्रीमद्भागवत-संहिताकी परम्परा और उसमें देवर्षि नारदकी प्रधानता
  • पाञ्चरात्र और देवर्षि नारद—पाञ्चरात्रकी सात्वतसंहिता—पाञ्चरात्रकी प्राचीन परम्परा और उसका संक्षिप्त विवरण
  • देवर्षि नारदजीके ज्योतिष-सम्बन्धी अपूर्व विचार—त्रिष्कन्ध ज्योतिषकी प्राचीनता—समस्त आर्यज्योतिषपर देवर्षि नारदके ज्योतिर्ज्ञानकी छाया
  • महाभारतकालमें देवर्षि नारदका महत्त्व—देवर्षि नारदके राजनीतिक विचार—नारदजीद्वारा धर्मराज युधिष्ठिरको प्रश्नके बहाने उपदेश
  • देवर्षि नारदके आध्यात्मिक विचार—शुकदेवजीको ज्ञानोपदेश
  • भक्तिका नारदजीद्वारा संसार-व्यापी प्रचार, तुलसीकृत रामायण और भक्तिसूत्र—भिन्न-भिन्न भक्तिसूत्रोंमें भक्तिके भिन्न-भिन्न लक्षण
  • देवर्षि नारद और सामान्य मानव-धर्म—सनातन-धर्मके तीस लक्षण—गार्हस्थ्य-जीवनमें परम-धर्म-पालनपर नारदीय उपदेश
  • शिव-पार्वती-विवाहमें नारदजीकी परम सहायता—पार्वतीजीके शारीरिक लक्षणोंका वर्णन
  • पूज्य पुरुषके सम्बन्धमें श्रीकृष्णको नारदोपदेश—ब्राह्मण-महत्त्वादर्श—सांसारिक लोगोंके लिये शिक्षापूर्ण उपदेश
  • देवर्षि नारदजीके वैष्णव-धर्म-सम्बन्धी विचार— देवर्षि नारदद्वारा महाराज अम्बरीष और वसुदेवजीको उपदेश—सांसारिक मनुष्योंके लिये परम कल्याणप्रद वैष्णव-धर्मका सारांश
  • वेदोंमें देवर्षि नारदकी चर्चा—नारदरचित ग्रन्थोंमें विविध विषयोंका समावेश—नारदजीके उपदेशोंमें विलक्षणता
  • उपसंहार
  • अन्तिम पृष्ठ

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