यह संक्षिप्त भक्त-चरित-मालाका तेरहवाँ पुष्प है। इसमें भक्तोंकी बड़ी सुन्दर दस कथाएँ हैं। भक्त भगवान् के ही स्वरूप हैं, उनके चरित्र पढ़ने-सुननेसे बहुत लाभ होता है। आशा है, पाठक-पाठिकागण इन कथाओंको पढ़कर और अपने जीवनमें भगवद्भक्तिको प्रधान स्थान देकर जीवनका असली लाभ उठावेंगे।