॥ श्रीहरि:॥

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भजनामृत

हिन्दी/संस्कृत

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  • दो शब्द
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    नाम-महिमा
    • १. नटवर नागर नन्दा
    • २. जग में सुन्दर हैं दो नाम
    • ३. आवो भाई सब मिल बोलो
    • ४. हे पिंजरे की ये मैना
    • ५. हरी नाम सुमर सुखधाम
    • ६. भज ले क्यूँ न राधे कृष्णा
    • ७. दिन नीके बीते जाते हैं
    • ८. राम गुण गायो नहीं
    • ९. पायोजी म्हें तो राम
    • १०. लेल्योजी लेल्योजी थे
    • ११. नाम जपन क्यों छोड़ दिया
    • १२. श्रीवृन्दावन-धाम अपार
    • १३. बोलो राम राम राम राम
    • १४. बोल हरि बोल
    • १५. सीताराम सीताराम सीताराम बोल
    • १६. तेरी पार करैगो नैया
    • १७. रे मन-प्रति-स्वाँस
    • १८. जग असारमें सार
    • १९. गोविन्द जय-जय,
    • २०. तेरी बन जैहैं
    • २१. भजता क्यूँ ना रे हरिनाम
    • २२. भजो रे मन, राम-नाम सुखदाई
    • २३. तू राम भजन कर प्राणी
    • २४. सोइ रसना, जो हरि-गुन गावै
    • २५. चाहता जो परम सुख तूँ
    • २६. राम कहो राम कहो
    • २७. जाउँ कहाँ तजि चरन
    • २८. प्यारे! जरा तो मनमें बिचारो
    • २९. रघुपति राघव राजाराम
    • ३०. रघुपति राघव राजा राम
    • ३१. हरे राम हरे राम
    • ३२. नन्दनन्दन घनश्याम
    • ३३. सुरता राम भजाँ सुख पावो
    • ३४. जय जय राम
  • +
    अभिलाषा
    • १. कन्हैया कन्हैया
    • २. चालो चालो सखी
    • ३. मोहन हमारे मधुवन में
    • ४. मुझे है काम ईश्वरसे
    • ५. आज मोहिं लागे
    • ६. इतना तो करना
    • ७. थे तो आरोगोजी मदनगोपाल!
    • ८. थे तो आरोगोजी दीनदयाल!
    • ९. बसो मेरे नैननि में यह जोरी
    • १०. बसो मेरे नैननमें नन्दलाल
    • ११. आओ नन्द-नन्दना
    • १२. राणोजी रूठे
    • १३. और आसरो छोड़
    • १४. नरसीलो टेर लगावे
  • +
    निवेदन
    • १. स्याम! मने चाकर
    • २. हे मेरे गुरुदेव
    • ३. दीन दयाल शरण मैं तेरी
    • ४. पितु मातु सहायक
    • ५. दिला दो भीख दर्शन की
    • ६. मिलता है सच्चा सुख केवल
    • ७. नाथ मैं थारोजी थारो
    • ८. भगवान् तुम्हारे चरणों में
    • ९. सुनो श्यामसुन्दर
    • १०. हे दयामय! दीनबन्धो!!
    • ११. तू दयालु, दीन हौं
    • १२. प्रभु मेरे अवगुण
    • १३. सालगराम! सुनो बिनती मोरी
    • १४. नाथ! थारै सरण पड़ी दासी
    • १५. कृष्ण मुरारी शरण तुम्हारी
    • १६. तोसे अरज करूँ साँवरिया
    • १७. मंगल मूरति मारुत-नंदन
    • १८. अब तो निभायाँ सरेगी
    • १९. दीनन दुख हरण देव
    • २०. हे गोविन्द राखो शरण
    • २१. कल कुँडल कान्ति कपोलन पै
    • २२. जब सौंप दिया सब भार तुम्हें
  • +
    वियोग
    • १. मोहे तज कहाँ जात हो
    • २. आव आव भगतोंका भीड़ी
    • ३. भूल बिसर मत जाना कन्हैया
    • ४. दरस म्हारे बेगि दीज्यो जी!
    • ५. अरज म्हाँरी जाय कहीज्यो जी
    • ६. नातो नामको जी
    • ७. साँवरिया अरज मीरा की
    • ८. म्हाने साची बताओ
    • ९. प्रभुजी तुम दर्शन बिन
    • १०. रामा रामा रटते रटते
    • ११. थे तो पलक उघाड़ो
    • १२. कबहूँ मिलोगे दीनानाथ!
    • १३. निशि दिन बरसत नैन
    • १४. अँखियाँ हरि-दरशन की प्यासी
    • १५. ऊधो! मधुपुरका बासी
    • १६. आली रे! मेरे नैणाँ
    • १७. म्हारे जनम मरणरा साथी
    • १८. आज्यो आज्यो जी साँवरिया
    • १९. बनमें देख्या दोय बनवासी
    • २०. राम मिलणरो घणो उमावो
    • २१. कोई कहियो रे प्रभु आवनकी
    • २२. थाँ न काँई काँई कह समझाऊँ
    • २३. ऐ श्याम! तेरी बँसरी ने
    • २४. थे तो पलक उघाड़ो
    • २५. दरस बिनु दूखण लागे नैन
    • २६. किशोरी मोहे कब अपनावोगी
    • २७. तुम बिन मेरी कौन खबर ले
  • +
    लीला-गान
    • १. राधा श्रीवृषभान दुलारी
    • २. जो रस बरस रह्यो बरसाने
    • ३. आज अयोध्या की गलियोंमें
    • ४. श्रीकृष्ण बुलावे, झूलण चालो
    • ५. आज ठाढ़ो री बिहारी
    • ६. मैया मोरी मैं नहिं माखन खायो
    • ७. देखो री एक बाला जोगी
    • ८. आज हरि आये विदुर-घर पावणा
    • ९. नाचे नन्दलाल, नचावे हरिकी मैया
    • १०. यो धनुष बड़ो विकराल
    • ११. होरी खेलन आयो श्याम
    • १२. होरी खेलत है गिरधारी
    • १३. आछो दधि दूँगी रे साँवरिया
    • १४. ग्वालिन मत पकड़े मोरी बहियाँ
    • १५. गिरिधरकी वंशी प्यारी जी
    • १६. तेरे लालाने ब्रज-रज खाई
    • १७. मारे मति मैय्या
    • १८. झीनी-झीनी प्रेमकी डोरी
    • १९. मोहन मोहन जीक निस दिन मैं
  • +
    विविध
    • १. बँगला अजब बन्या महाराज
    • २. क्या तन माँजता रे
    • ३. करो हरी का भजन प्यारे
    • ४. करमाँ की रेखा न्यारी
    • ५. मोर मुकुट की देख छटा
    • ६. म्हानैं घड़ो उठाता जावो रे
    • ७. सन्तो कुण आवे रे
    • ८. सुरताँ दिन दस पीवरिये में
    • ९. चेतो कर ले
    • १०. नाम लिया हरि का जिसने
    • ११. म्हारो लग्यो राम सैं हेत-हेत
    • १२. जगमें होनहार बलवान
    • १३. नाथ! थारे सरणे आयोजी
    • १४. मैं तो हूँ भगतनको दास
    • १५. म्हाने रामजी सदा बर दीज्यो
    • १६. मैं तो गिरधर के रंग राती
    • १७. मैं तो हूँ संतन को दास
    • १८. मत बाँधो गठरिया
    • १९. तन धर सुखिया कोई न देख्या
    • २०. कैसो खेल रच्यो मेरे दाता
    • २१. जानकीनाथ सहाय करे
    • २२. मनवा नाँहि विचारो
    • २३. भज मन चरण कमल अविनासी
    • २४. तेरा रामजी करेंगे बेड़ा पार
    • २५. मैं नहीं, मेरा नहीं
    • २६. पछतायेगा, पछतायेगा
    • २७. म्हारा नटराजा
    • २८. जय भगवद‍्गीते
    • २९. ॐ जय जगदीश हरे
    • ३०. भये प्रगट कृपाला
    • ३१. मो सम कौन कुटिल
    • ३२. सुने री मैंने निरबल के बल राम
    • ३३. उड़ जायगा रे हंस अकेला
    • ३४. चलो मन गंगा जमुना तीर
    • ३५. मन! तू क्यों पछतावे रे
    • ३६. उठ जाग मुसाफिर
    • ३७. करो कोई लाख
    • ३८. कैसे बैठॺो रे आलसमें
    • ३९. डरते रहो यह जिन्दगी
    • ४०. जनम लियो वाने
    • ४१. जीव! तू मत करना फिकरी
    • ४२. सूरत दीनानाथसे लगी
    • ४३. मनवाँ काँई कमायो रे
    • ४४. दो दिनका जगमें मेला
    • ४५. मूरख छाड़ वृथा अभिमान
    • ४६. करी गोपालकी सब होइ
    • ४७. आरामके साथी क्या-क्या थे
    • ४८. सब दिन होत न एक समान
    • ४९. प्यारे! जीवनके दिन चार
    • ५०. मोहन प्रेम बिना नहिं मिलता
    • ५१. राणों पूछे मीराबाईने बात
    • ५२. एजी म्हारा नटवर नागरिया
    • ५३. तूने हीरो सो जनम गमायो
    • ५४. सदा रहो अलमस्त रामकी
    • ५५. क्षणभंगुर जीवनकी कलिका
    • ५६. बुद्धि बड़ी चतुराई बड़ी
    • ५७. जब दाँत न थे तब दूध दियो
    • ५८. तिन्ह तें खर-सूकर-स्वान भले
    • ५९. कौन कुबुद्धि भई घट अन्दर
    • ६०. रन बन ब्याधि-बिपत्तिमें
    • ६१. समझ मन मीठा बोल
    • ६२. छाँडि मन! हरि-विमुखनको संग
    • ६३. दीनानाथ दयानिधि स्वामी
    • ६४. विद्या पढ़ि करतो फिरै
    • ६५. तेरा निर्मल रूप अनूप है
    • ६६. भूल मति कृष्ण नाम
    • ६७. जगत में जीवन है दिन चार
  • अन्तिम पृष्ठ

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