परम श्रद्धेय श्रीजयदयालजी गोयन्दका भगवत्प्राप्त युगपुरुष थे। यह पुस्तक उन्हींके प्रवचनोंका परमोपयोगी संग्रह है। वे केवल मानवमात्र ही नहीं, अपितु जीवमात्रको भगवत्प्राप्तिका अधिकारी बनाने-हेतु सतत प्रयत्नशील थे। आशा है, इस पुस्तकमें उनके द्वारा बताये आत्मकल्याणकारी सुगम उपायोंको पाठकगण मननपूर्वक पढ़कर स्वयं लाभान्वित होंगे एवं अन्य लोगोंमें भी प्रचार करके उन्हें लाभ पहुँचावेंगे।