॥ श्रीहरि:॥

gstlogo
हिन्दीarrowdown
अनन्य भक्ति से भगवत्प्राप्ति

श्रद्धेय श्रीजयदयालजी गोयन्दका

हिन्दी/संस्कृत

‘महाभारतमें जीवनको उन्नत बनानेवाले कुछ शिक्षाप्रद प्रसंग’ लेख में मानवमात्रकी सर्वविध उन्नतिके लिये गुरुभक्ति, मातृ-पितृ-भक्ति, ईश्वरभक्ति, पातिव्रत्य, तप, सत्य, न्याय, वर्णाश्रमधर्म एवं तीर्थमहिमा, अतिथियों और गौओंकी सेवा आदिका प्रधान-प्रधान स्थलोंपर उदाहरण प्रस्तुत करते हुए निरूपण किया गया है, अत: वह सभीके लिये परम उपादेय और रोचक है। इसके सिवा, अन्यान्य लेखोंमें धर्म, निष्काम कर्म, भक्ति, प्रेम, ज्ञान, सदाचार, संयम, वैराग्य आदि साधनोंपर भी प्रचुर प्रकाश डाला गया है, जिससे साधकोंको अपने साधनके विघ्नों और दोषोंको हटाकर साधनमें उत्तरोत्तर अग्रसर होनेके लिये बहुत सहायता मिल सकती है। एवं भगवान् और महात्माओंके स्वरूप, प्रभाव और स्वभाव आदिका दिग्दर्शन कराते हुए उनपर अतिशय श्रद्धा-विश्वास करके उनसे परम लाभ उठानेकी प्रेरणा की गयी है, जो कि साधनका एक प्रधान महत्त्वपूर्ण अंग है। सभी पाठकोंसे नम्र निवेदन है कि वे इन लेखोंको मनोयोगपूर्वक पढ़ें और अपनी रुचि, विश्वास और अधिकारके अनुरूप साधनकोचुनकर उसको अनुष्ठानमें लानेकी कृपा करें।
  • प्रथम पृष्ठ
  • निवेदन
  • +
    अनन्य भक्तिसे भगवत्प्राप्ति
    • ऐकान्तिक साधन-काल
    • व्यवहारकाल
    • शयनकाल
  • केवल निष्काम कर्मसे भगवत्प्राप्ति
  • सब अनर्थोंके मूलभूत राग-द्वेषके नाशके उपाय
  • मनको संयत और एकाग्र करनेके उपाय
  • गीतोक्त अनन्य प्रेमका साधन और उसका फल
  • अन्तकालमें हुए परमात्मचिन्तनका महत्त्व
  • +
    अनन्य भक्ति-साधनका स्वरूप
    • एक कन्याका दृष्टान्त
  • निरन्तर भगवच्चिन्तनकी महिमा
  • ईश्वर और महापुरुषोंका प्रभाव
  • +
    परमात्माकी प्राप्तिमें श्रद्धा-विश्वासकी प्रधानता
    • (१) ईश्वरपर श्रद्धा-विश्वास
    • (२) ज्ञानी महात्मा पुरुषपर श्रद्धा-विश्वास
    • (३) गीतादि शास्त्रोंपर श्रद्धा-विश्वास
    • (४) अपनी आत्मापर श्रद्धा-विश्वास
  • भगवत्प्राप्तिका सरल उपाय—अनन्य शरणागति
  • भगवान् के स्वभावका रहस्य
  • भगवन्नामजपका प्रभाव
  • आत्मोद्धारकी प्रधान-प्रधान दो-दो बातें
  • भगवत्प्राप्तिके विविध साधन
  • अंतिम पृष्ठ

सम्बंधित ई-पुस्तकें

ध्यानावस्था में प्रभु से वार्तालाप

ध्यानावस्था में प्रभु से वार्तालाप

मनुष्य का परम कर्तव्य

मनुष्य का परम कर्तव्य

गीता के परम प्रचारक

गीता के परम प्रचारक

स्त्रियों के लिये कर्तव्य शिक्षा

स्त्रियों के लिये कर्तव्य शिक्षा

नल दमयन्ती

नल दमयन्ती