॥ श्रीहरि:॥

gstlogo
हिन्दीarrowdown
अमूल्य वचन

श्रद्धेय श्रीजयदयालजी गोयन्दका

हिन्दी/संस्कृत

  • प्रथम पृष्ठ
  • निवेदन
  • विनय
  • अमूल्य वचन
  • +
    महाराज युधिष्ठिरके जीवनसे आदर्श शिक्षा
    • निर्वैरता
    • धैर्य
    • अक्रोध, क्षमा
    • सत्य
    • विद्वत्ता, बुद्धिमत्ता, समता
    • पवित्रताका प्रभाव
    • उदारता
    • त्याग
    • उपसंहार
  • +
    संत-महिमा
    • संतभावकी प्राप्ति भगवत्कृपासे होती है
    • संतकी विशेषता
    • संतोंकी दया
    • संतोंमें समता
    • संतोंमें विशुद्ध विश्वप्रेम
    • संतोंके आचरण और उपदेश
  • भगवद्भक्तोंकी महिमा
  • गीताके अनुसार स्थितप्रज्ञ, भक्त और गुणातीतके लक्षण तथा आचरण
  • +
    भगवत्प्राप्तिके कुछ साधन
    • (१) सांख्ययोग
    • (२) कर्मयोग
  • भगवत्प्राप्तिके चार साधनोंकी सुगमताका रहस्य
  • कल्याणप्राप्तिकी कई युक्तियाँ
  • परमानन्दकी प्राप्तिके लिये साधनकी आवश्यकता
  • ब्राह्मणत्वकी रक्षा परम आवश्यक है
  • +
    बाल-शिक्षा
    • सदाचार
    • संयम
    • ब्रह्मचर्य
    • विद्या
    • माता, पिता, आचार्य आदि गुरुजनोंकी सेवा
    • गुरुकी सेवा
    • माता-पिताकी सेवा
    • भक्ति
  • कर्मयोगकी सुगमता
  • भगवान् अवतार कब लेते हैं?
  • गीतोक्त दिव्यदृष्टि
  • आज्ञापालन और प्रणाम
  • अन्तिम पृष्ठ

सम्बंधित ई-पुस्तकें

ध्यानावस्था में प्रभु से वार्तालाप

ध्यानावस्था में प्रभु से वार्तालाप

मनुष्य का परम कर्तव्य

मनुष्य का परम कर्तव्य

गीता के परम प्रचारक

गीता के परम प्रचारक

स्त्रियों के लिये कर्तव्य शिक्षा

स्त्रियों के लिये कर्तव्य शिक्षा

नल दमयन्ती

नल दमयन्ती