॥ श्रीहरि:॥

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अमूल्य समय का सदुपयोग

श्रद्धेय श्रीजयदयालजी गोयन्दका

हिन्दी/संस्कृत

अमूल्य समयका सदुपयोग नामक यह पुस्तक सहृदय पाठकोंके हाथोंमें समर्पित करते हुए हमें हर्ष हो रहा है। इसमें भगवत्प्राप्त श्रीजयदयालजी गोयन्दकाके दस प्रवचनोंका संग्रह है। आत्म-कल्याणके पथपर चलनेवाले साधकोंके लिये प्रस्तुत पुस्तक परम उपयोगी है और आवश्यक भी। हमें विश्वास है कि यह पुस्तक साधकोंके लिये अच्छा मार्गदर्शक सिद्ध होगी।
अमूल्य समयका सदुपयोग शीर्षक प्रवचनमें साधक पायेंगे कि किस प्रकार भगवत्प्राप्तिके उद्देश्यसे किये गये प्रयत्नोंमें समय लगाना ही समयका सदुपयोग है। इसीमें मानव-जीवनकी सार्थकता है। भगवद्भक्त महात्माका स्वरूप एवं प्रभाव शीर्षकमें संतोंके स्वरूप, लक्षण और अनुभवोंका विशद विवेचन है। भगवान‍्की अकारण करुणा, भगवान‍्का ध्यान कैसे किया जाए, नीति, ज्ञान, भक्ति, वैराग्य, आत्मोत्थान आदि विषयोंका विवेचन पुस्तकमें सम्यक् रूपसे हुआ है जो सभीके लिये प्रेरक एवं लाभदायक है।
  • प्रथम पृष्ठ
  • निवेदन
  • अमूल्य समयका सदुपयोग
  • भगवद्भक्त महात्माका स्वरूप एवं प्रभाव
  • भगवान् की दयाका रहस्य
  • भगवान् का हेतुरहित सौहार्द
  • भगवत्प्रेमकी प्राप्ति कैसे हो?
  • शीघ्र भगवत्प्राप्ति कैसे हो?
  • भगवान् के गुण-प्रभावके तत्त्व-रहस्यका वर्णन
  • भगवान् श्रीकृष्णका ध्यान
  • व्यवहार-सुधार
  • भगवान् के चपरासी
  • अन्तिम पृष्ठ

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