इस पुस्तकमें ऐसे दामी अमूल्य वचन हैं जिनमें भगवन्नाम, भगवत्स्मृति, गीताजी, नि:स्वार्थ सेवा तथा सत्संगकी महिमा विशेषतासे कही गयी है। व्यवहारकी ऐसी बातें भी हैं, जिन्हें हम काममें लावें तो हमारे गृहस्थजीवनमें बड़ी शान्ति मिल सकती है। हमारे व्यापारका सुधार हो सकता है, उच्चकोटिका व्यवहार हो सकता है तथा उन बातोंको काममें लाकर हम गृहस्थमें रहते हुए, व्यापार करते हुए भगवत्प्राप्ति कर सकते हैं। ऐसे समझनेमें सरल, उपयोगी, अमूल्य वचन बहुत कम उपलब्ध होते हैं। भगवत्कृपासे ही ये हमें इस पुस्तकरूपमें उपलब्ध हो रहे हैं। हमें आशा है कि पाठकगण इन वचनोंको ध्यानसे पढ़कर मनन करेंगे एवं जीवनमें उतारनेका प्रयास करके विशेष आध्यात्मिक लाभ उठायेंगे।